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Tuesday, 19 December 2017

1.भाषा, व्याकरण और बोली

1.भाषा, व्याकरण और बोली

भाषा, व्याकरण और बोली
परिभाषा- भाषा अभिव्यक्ति का एक ऐसा समर्थ साधन है जिसके द्वारा मनुष्य अपने विचारों को दूसरों पर प्रकट कर सकता है और दूसरों के विचार जाना सकता है।
संसार में अनेक भाषाएँ हैं। जैसे-हिन्दी,संस्कृत,अंग्रेजी, बँगला,गुजराती,पंजाबी,उर्दू, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, फ्रैंच, चीनी, जर्मन इत्यादि।भाषा के प्रकार- भाषा दो प्रकार की होती है
1. मौखिक भाषा।
2. लिखित भाषा।
आमने-सामने बैठे व्यक्ति परस्पर बातचीत करते हैं अथवा कोई व्यक्ति भाषण आदि द्वारा अपने विचार प्रकट करता है तो उसे भाषा का मौखिक रूप कहते हैं।
जब व्यक्ति किसी दूर बैठे व्यक्ति को पत्र द्वारा अथवा पुस्तकों एवं पत्र-पत्रिकाओं में लेख द्वारा अपने विचार प्रकट करता है तब उसे भाषा का लिखित रूप कहते हैं।
व्याकरण
मनुष्य मौखिक एवं लिखित भाषा में अपने विचार प्रकट कर सकता है और करता रहा है किन्तु इससे भाषा का कोई निश्चित एवं शुद्ध स्वरूप स्थिर नहीं हो सकता। भाषा के शुद्ध और स्थायी रूप को निश्चित करने के लिए नियमबद्ध योजना की आवश्यकता होती है और उस नियमबद्ध योजना को हम व्याकरण कहते हैं।परिभाषा- व्याकरण वह शास्त्र है जिसके द्वारा किसी भी भाषा के शब्दों और वाक्यों के शुद्ध स्वरूपों एवं शुद्ध प्रयोगों का विशद ज्ञान कराया जाता है।
भाषा और व्याकरण का संबंध- कोई भी मनुष्य शुद्ध भाषा का पूर्ण ज्ञान व्याकरण के बिना प्राप्त नहीं कर सकता। अतः भाषा और व्याकरण का घनिष्ठ संबंध हैं वह भाषा में उच्चारण, शब्द-प्रयोग, वाक्य-गठन तथा अर्थों के प्रयोग के रूप को निश्चित करता है।व्याकरण के विभाग- व्याकरण के चार अंग निर्धारित किये गये हैं
1. वर्ण-विचार।
2. शब्द-विचार।
3. पद-विचार।
4. वाक्य विचार।
बोली
भाषा का क्षेत्रीय रूप बोली कहलाता है। अर्थात् देश के विभिन्न भागों में बोली जाने वाली भाषा बोली कहलाती है और किसी भी क्षेत्रीय बोली का लिखित रूप में स्थिर साहित्य वहाँ की भाषा कहलाता है।
लिपि
किसी भी भाषा के लिखने की विधि को ‘लिपि’ कहते हैं। हिन्दी और संस्कृत भाषा की लिपि का नाम देवनागरी है। अंग्रेजी भाषा की लिपि ‘रोमन’, उर्दू भाषा की लिपि फारसी, और पंजाबी भाषा की लिपि गुरुमुखी है।
साहित्य
ज्ञान-राशि का संचित कोश ही साहित्य है। साहित्य ही किसी भी देश, जाति और वर्ग को जीवंत रखने का- उसके अतीत रूपों को दर्शाने का एकमात्र साक्ष्य होता है। यह मानव की अनुभूति के विभिन्न पक्षों को स्पष्ट करता है और पाठकों एवं श्रोताओं के ह्रदय में एक अलौकिक अनिर्वचनीय आनंद की अनुभूति उत्पन्न करता है।



       

2.वर्ण–विचार ( स्वर / व्यंजन)

वर्ण–विचार

परिभाषा-हिन्दी भाषा में प्रयुक्त सबसे छोटी ध्वनि वर्ण कहलाती है। जैसे-अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, क्, ख् आदि।

वर्णमाला

वर्णों के समुदाय को ही वर्णमाला कहते हैं। हिन्दी वर्णमाला में 44 वर्ण हैं। उच्चारण और प्रयोग के आधार पर हिन्दी
वर्णमाला के दो भेद किए गए हैं

1. स्वर

2. व्यंजन

1.स्वर
जिन वर्णों का उच्चारण स्वतंत्र रूप से होता हो और जो व्यंजनों के उच्चारण में सहायक हों वे स्वर कहलाते है। ये संख्या में ग्यारह हैं
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।उच्चारण के समय की दृष्टि से स्वर के तीन भेद किए गए हैं
1. ह्रस्व स्वर।
2. दीर्घ स्वर।
3. प्लुत स्वर।

1.ह्रस्व स्वर-
जिन स्वरों के उच्चारण में कम-से-कम समय लगता हैं उन्हें ह्रस्व स्वर कहते हैं। ये चार हैं- अ, इ, उ, ऋ। इन्हें मूल स्वर भी कहते हैं।

2.दीर्घ स्वर-
जिन स्वरों के उच्चारण में ह्रस्व स्वरों से दुगुना समय लगता है उन्हें दीर्घ स्वर कहते हैं। ये हिन्दी में सात हैं- आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ।
विशेष- दीर्घ स्वरों को ह्रस्व स्वरों का दीर्घ रूप नहीं समझना चाहिए। यहाँ दीर्घ शब्द का प्रयोग उच्चारण में लगने वाले समय को आधार मानकर किया गया है।

3.प्लुत स्वर-
जिन स्वरों के उच्चारण में दीर्घ स्वरों से भी अधिक समय लगता है उन्हें प्लुत स्वर कहते हैं। प्रायः इनका प्रयोग दूर से बुलाने में किया जाता है।

मात्राएँ
स्वरों के बदले हुए स्वरूप को मात्रा कहते हैं स्वरों की मात्राएँ निम्नलिखित हैं-
स्वर मात्राएँ शब्द अ × कम
आ ा काम
इ ि किसलय
ई ी खीर
उ ु गुलाब
ऊ ू भूल
ऋ ृ तृण
ए े केश
ऐ ै है
ओ ो चोर
औ ौ चौखट

अ वर्ण (स्वर) की कोई मात्रा नहीं होती। व्यंजनों का अपना स्वरूप निम्नलिखित हैं-
क् च् छ् ज् झ् त् थ् ध् आदि।
अ लगने पर व्यंजनों के नीचे का (हल) चिह्न हट जाता है। तब ये इस प्रकार लिखे जाते हैं-
क च छ ज झ त थ ध आदि।

व्यंजन
जिन वर्णों के पूर्ण उच्चारण के लिए स्वरों की सहायता ली जाती है वे व्यंजन कहलाते हैं। अर्थात व्यंजन बिना स्वरों की सहायता के बोले ही नहीं जा सकते। ये संख्या में 33 हैं। इसके निम्नलिखित तीन भेद हैं-
1. स्पर्श

2. अंतःस्थ

3. ऊष्म

1.स्पर्श-
इन्हें पाँच वर्गों में रखा गया है और हर वर्ग में पाँच-पाँच व्यंजन हैं। हर वर्ग का नाम पहले वर्ग के अनुसार रखा गया है जैसे-

कवर्ग- क् ख् ग् घ् ड़्

चवर्ग- च् छ् ज् झ् ञ्

टवर्ग- ट् ठ् ड् ढ् ण् (ड़् ढ्)

तवर्ग- त् थ् द् ध् न्

पवर्ग- प् फ् ब् भ् म्

2.अंतःस्थ-

ये निम्नलिखित चार हैं-

य् र् ल् व्

3.ऊष्म-

ये निम्नलिखित चार हैं-

श् ष् स् ह्वैसे तो जहाँ भी दो अथवा दो से अधिक व्यंजन मिल जाते हैं वे संयुक्त व्यंजन कहलाते हैं, किन्तु देवनागरी लिपि में संयोग के बाद रूप-परिवर्तन हो जाने के कारण इन तीन को गिनाया गया है। ये दो-दो व्यंजनों से मिलकर बने हैं। जैसे-क्ष=क्+ष अक्षर, ज्ञ=ज्+ञ ज्ञान, त्र=त्+र नक्षत्र कुछ लोग क्ष् त्र् और ज्ञ् को भी हिन्दी वर्णमाला में गिनते हैं, पर ये संयुक्त व्यंजन हैं। अतः इन्हें वर्णमाला में गिनना उचित प्रतीत नहीं होता।

अनुस्वार-

इसका प्रयोग पंचम वर्ण के स्थान पर होता है। इसका चिन्ह (ं) है। जैसे- सम्भव=संभव, सञ्जय=संजय, गड़्गा=गंगा।

विसर्ग-

इसका उच्चारण ह् के समान होता है। इसका चिह्न (:) है। जैसे-अतः, प्रातः।

चंद्रबिंदु-

जब किसी स्वर का उच्चारण नासिका और मुख दोनों से किया जाता है तब उसके ऊपर चंद्रबिंदु (ँ) लगा दिया जाता है।

यह अनुनासिक कहलाता है। जैसे-हँसना, आँख। हिन्दी वर्णमाला में 11 स्वर तथा 33 व्यंजन गिनाए जाते हैं, परन्तु

इनमें ड़्, ढ़् अं तथा अः जोड़ने पर हिन्दी के वर्णों की कुल संख्या 48 हो जाती है।

हलंत-
जब कभी व्यंजन का प्रयोग स्वर से रहित किया जाता है तब उसके नीचे एक तिरछी रेखा (्) लगा दी जाती है। यह रेखा हल कहलाती है। हलयुक्त व्यंजन हलंत वर्ण कहलाता है। जैसे-विद्यां।

वर्णों के उच्चारण-स्थान

मुख के जिस भाग से जिस वर्ण का उच्चारण होता है उसे उस वर्ण का उच्चारण स्थान कहते हैं।

उच्चारण स्थान तालिका

क्रम

वर्ण

उच्चारण

श्रेणी

1.अ आ क् ख् ग् घ् ड़् ह् विसर्ग कंठ और जीभ का निचला भाग कंठस्थ

2.इ ई च् छ् ज् झ् ञ् य् श तालु और जीभ तालव्य

3.ऋ ट् ठ् ड् ढ् ण् ड़् ढ़् र् ष् मूर्धा और जीभ मूर्धन्य

4.त् थ् द् ध् न् ल् स् दाँत और जीभ दंत्य

5.उ ऊ प् फ् ब् भ् म दोनों होंठ ओष्ठ्य

6.ए ऐ कंठ तालु और जीभ कंठतालव्य

7.ओ औ दाँत जीभ और होंठ कंठोष्ठ्य

8.व् दाँत जीभ और होंठ दंतोष्



             

3.शब्द–विचार (विकारी / अविकारी )

शब्द–विचार

परिभाषा- एक या अधिक वर्णों से बनी हुई स्वतंत्र सार्थक ध्वनि शब्द कहलाता है। जैसे- एक वर्ण से निर्मित शब्द-न (नहीं) व (और) अनेक वर्णों से निर्मित शब्द-कुत्ता, शेर,कमल, नयन, प्रासाद, सर्वव्यापी, परमात्मा।

शब्द–भेद

व्युत्पत्ति (बनावट) के आधार पर शब्द-भेद-

व्युत्पत्ति (बनावट) के आधार पर शब्द के निम्नलिखित तीन भेद हैं-
1. रूढ़

2. यौगिक

3. योगरूढ़

1.रूढ़-
जो शब्द किन्हीं अन्य शब्दों के योग से न बने हों और किसी विशेष अर्थ को प्रकट करते हों तथा जिनके टुकड़ों का कोई अर्थ नहीं होता, वे रूढ़ कहलाते हैं। जैसे-कल, पर। इनमें क, ल, प, र का टुकड़े करने पर कुछ अर्थ नहीं हैं। अतः ये निरर्थक हैं।

2.यौगिक-
जो शब्द कई सार्थक शब्दों के मेल से बने हों,वे यौगिक कहलाते हैं। जैसे-देवालय=देव+आलय, राजपुरुष=राज+पुरुष, हिमालय=हिम+आलय, देवदूत=देव+दूत आदि। ये सभी शब्द दो सार्थक शब्दों के मेल से बने हैं।

3.योगरूढ़-
वे शब्द, जो यौगिक तो हैं, किन्तु सामान्य अर्थ को न प्रकट कर किसी विशेष अर्थ को प्रकट करते हैं, योगरूढ़ कहलाते हैं। जैसे-पंकज, दशानन आदि। पंकज=पंक+ज (कीचड़ में उत्पन्न होने वाला) सामान्य अर्थ में प्रचलित न होकर कमल के अर्थ में रूढ़ हो गया है। अतः पंकज शब्द योगरूढ़ है। इसी प्रकार दश (दस) आनन (मुख) वाला रावण के अर्थ में प्रसिद्ध है।

उत्पत्ति के आधार पर शब्द-भेद-

उत्पत्ति के आधार पर शब्द के निम्नलिखित चार भेद हैं-

1. तत्सम- जो शब्द संस्कृत भाषा से हिन्दी में बिना किसी परिवर्तन के ले लिए गए हैं वे तत्सम कहलाते हैं। जैसे-अग्नि, क्षेत्र, वायु, रात्रि, सूर्य आदि।

2. तद्भव- जो शब्द रूप बदलने के बाद संस्कृत से हिन्दी में आए हैं वे तद्भव कहलाते हैं। जैसे-आग (अग्नि), खेत(क्षेत्र), रात (रात्रि), सूरज (सूर्य) आदि।

3. देशज- जो शब्द क्षेत्रीय प्रभाव के कारण परिस्थिति व आवश्यकतानुसार बनकर प्रचलित हो गए हैं वे देशज कहलाते हैं। जैसे-पगड़ी, गाड़ी, थैला, पेट, खटखटाना आदि।

4. विदेशी या विदेशज- विदेशी जातियों के संपर्क से उनकी भाषा के बहुत से शब्द हिन्दी में प्रयुक्त होने लगे हैं। ऐसे शब्द विदेशी अथवा विदेशज कहलाते हैं। जैसे-स्कूल, अनार, आम, कैंची,अचार, पुलिस, टेलीफोन, रिक्शा आदि। ऐसे कुछ विदेशी शब्दों की सूची नीचे दी जा रही है।

अंग्रेजी- कॉलेज, पैंसिल, रेडियो, टेलीविजन, डॉक्टर, लैटरबक्स, पैन, टिकट, मशीन, सिगरेट, साइकिल, बोतल आदि।

फारसी- अनार,चश्मा, जमींदार, दुकान, दरबार, नमक, नमूना, बीमार, बरफ, रूमाल, आदमी, चुगलखोर, गंदगी, चापलूसी आदि।

अरबी- औलाद, अमीर, कत्ल, कलम, कानून, खत, फकीर, रिश्वत, औरत, कैदी, मालिक, गरीब आदि।

तुर्की- कैंची, चाकू, तोप, बारूद, लाश, दारोगा, बहादुर आदि।

पुर्तगाली- अचार, आलपीन, कारतूस, गमला, चाबी, तिजोरी, तौलिया, फीता, साबुन, तंबाकू, कॉफी, कमीज आदि।

फ्रांसीसी- पुलिस, कार्टून, इंजीनियर, कर्फ्यू, बिगुल आदि।

चीनी- तूफान, लीची, चाय, पटाखा आदि।

यूनानी- टेलीफोन, टेलीग्राफ, ऐटम, डेल्टा आदि।

जापानी- रिक्शा आदि।

प्रयोग के आधार पर शब्द-भेद

प्रयोग के आधार पर शब्द के निम्नलिखित आठ भेद है-
1. संज्ञा
2. सर्वनाम
3. विशेषण
4. क्रिया
5. क्रिया-विशेषण
6. संबंधबोधक
7. समुच्चयबोधक
8. विस्मयादिबोधकइन उपर्युक्त आठ प्रकार के शब्दों को भी विकार की दृष्टि से दो भागों में बाँटा जा सकता है

1. विकारी
2. अविकारी

1.विकारी शब्द-
जिन शब्दों का रूप-परिवर्तन होता रहता है वे विकारी शब्द कहलाते हैं। जैसे-कुत्ता, कुत्ते, कुत्तों, मैं मुझे,हमें अच्छा, अच्छे खाता है, खाती है, खाते हैं। इनमें संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया विकारी शब्द हैं।

2.अविकारी शब्द-
जिन शब्दों के रूप में कभी कोई परिवर्तन नहीं होता है वे अविकारी शब्द कहलाते हैं। जैसे-यहाँ, किन्तु, नित्य, और, हे अरे आदि। इनमें क्रिया-विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक आदि हैं।

अर्थ की दृष्टि से शब्द-भेद

अर्थ की दृष्टि से शब्द के दो भेद हैं-

1. सार्थक
2. निरर्थक

1.सार्थक शब्द-
जिन शब्दों का कुछ-न-कुछ अर्थ हो वे शब्द सार्थक शब्द कहलाते हैं। जैसे-रोटी, पानी, ममता, डंडा आदि।

2.निरर्थक शब्द-
जिन शब्दों का कोई अर्थ नहीं होता है वे शब्द निरर्थक कहलाते हैं। जैसे-रोटी-वोटी, पानी-वानी, डंडा-वंडा इनमें वोटी, वानी, वंडा आदि निरर्थक शब्द हैं।

विशेष- निरर्थक शब्दों पर व्याकरण में कोई विचार नहीं किया जाता है।



            

4.पद-विचार

पद-विचार

सार्थक वर्ण-समूह शब्द कहलाता है, पर जब इसका प्रयोग वाक्य में होता है तो वह स्वतंत्र नहीं रहता बल्कि व्याकरण के नियमों में बँध जाता है और प्रायः इसका रूप भी बदल जाता है। जब कोई शब्द वाक्य में प्रयुक्त होता है तो उसे शब्द न कहकर पद कहा जाता है।

हिन्दी में पद
पाँच प्रकार के होते हैं-
1. संज्ञा
2. सर्वनाम
3. विशेषण
4. क्रिया
5. अव्यय

1.संज्ञा-

किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु आदि तथा नाम के गुण, धर्म, स्वभाव का बोध कराने वाले शब्द संज्ञा कहलाते हैं। जैसे-श्याम, आम, मिठास, हाथी आदि।

संज्ञा के प्रकार- संज्ञा के तीन भेद हैं-
1. व्यक्तिवाचक संज्ञा।
2. जातिवाचक संज्ञा।
3. भाववाचक संज्ञा।

1.व्यक्तिवाचक संज्ञा-
जिस संज्ञा शब्द से किसी विशेष, व्यक्ति, प्राणी, वस्तु अथवा स्थान का बोध हो उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे-जयप्रकाश नारायण, श्रीकृष्ण, रामायण, ताजमहल, कुतुबमीनार, लालकिला हिमालय आदि।

2.जातिवाचक संज्ञा-
जिस संज्ञा शब्द से उसकी संपूर्ण जाति का बोध हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे-मनुष्य, नदी, नगर, पर्वत, पशु, पक्षी, लड़का, कुत्ता, गाय, घोड़ा, भैंस, बकरी, नारी, गाँव आदि।

3.भाववाचक संज्ञा-
जिस संज्ञा शब्द से पदार्थों की अवस्था, गुण-दोष, धर्म आदि का बोध हो उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे-बुढ़ापा, मिठास, बचपन, मोटापा, चढ़ाई, थकावट आदि।

विशेष वक्तव्य- कुछ विद्वान अंग्रेजी व्याकरण के प्रभाव के कारण संज्ञा शब्द के दो भेद और बतलाते हैं-
1. समुदायवाचक संज्ञा।
2. द्रव्यवाचक संज्ञा।

1.समुदायवाचक संज्ञा-
जिन संज्ञा शब्दों से व्यक्तियों, वस्तुओं आदि के समूह का बोध हो उन्हें समुदायवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे-सभा, कक्षा, सेना, भीड़, पुस्तकालय दल आदि।

2.द्रव्यवाचक संज्ञा-
जिन संज्ञा-शब्दों से किसी धातु, द्रव्य आदि पदार्थों का बोध हो उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे-घी, तेल, सोना, चाँदी,पीतल, चावल, गेहूँ, कोयला, लोहा आदि।इस प्रकार संज्ञा के पाँच भेद हो गए, किन्तु अनेक विद्वान समुदायवाचक और द्रव्यवाचक संज्ञाओं को जातिवाचक संज्ञा के अंतर्गत ही मानते हैं, और यही उचित भी प्रतीत होता है।

भाववाचक संज्ञा बनाना- भाववाचक संज्ञाएँ चार प्रकार के शब्दों से बनती हैं। जैसे-

1.जातिवाचक संज्ञाओं से-

दास दासता

पंडित पांडित्य

बंधु बंधुत्वक्षत्रिय क्षत्रियत्व

पुरुष पुरुषत्व

प्रभु प्रभुता

पशु पशुता,पशुत्व

ब्राह्मण ब्राह्मणत्व

मित्र मित्रता

बालक बालकपन

बच्चा बचपन

नारी नारीत्व

2.सर्वनाम से-

अपना अपनापन, अपनत्व निज निजत्व,निजता

पराया परायापन

स्व स्वत्व

सर्व सर्वस्व

अहं अहंकार

मम ममत्व,ममता

3.विशेषण से-

मीठा मिठास

चतुर चातुर्य, चतुराई

मधुर माधुर्य

सुंदर सौंदर्य, सुंदरता

निर्बल निर्बलता सफेद सफेदी

हरा हरियाली

सफल सफलता

प्रवीण प्रवीणता

मैला मैल

निपुण निपुणता

खट्टा खटास

4.क्रिया से-

खेलना खेल

थकना थकावट

लिखना लेख, लिखाई

हँसना हँसी

लेना-देना लेन-देन

पढ़ना पढ़ाई

मिलना मेल

चढ़ना चढ़ाई

मुसकाना मुसकान

कमाना कमाई

उतरना उतराई

उड़ना उड़ानरहना-सहना रहन-सहन

देखना-भालना देख-भाल

   

              

5. संज्ञा के विकारक तत्व > लिंग

संज्ञा के विकारक तत्व

जिन तत्वों के आधार पर संज्ञा (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण) का रूपांतर होता है वे विकारक तत्व कहलाते हैं।

वाक्य में शब्दों की स्थिति के आधार पर ही उनमें विकार आते हैं। यह विकार लिंग, वचन और कारक के कारण ही होता है।

जैसे-लड़का शब्द के चारों रूप-
1.लड़का, 2.लड़के, 3.लड़कों, 4.लड़को-केवल वचन और कारकों के कारण बनते हैं।

लिंग- जिस चिह्न से यह बोध होता हो कि अमुक शब्द पुरुष जाति का है अथवा स्त्री जाति का वह लिंग कहलाता है।

परिभाषा- शब्द के जिस रूप से किसी व्यक्ति, वस्तु आदि के पुरुष जाति अथवा स्त्री जाति के होने का ज्ञान हो उसे लिंग कहते हैं। जैसे-लड़का, लड़की, नर, नारी आदि। इनमें ‘लड़का’ और ‘नर’ पुल्लिंग तथा लड़की और ‘नारी’ स्त्रीलिंग हैं।हिन्दी में लिंग के दो भेद हैं

1. पुल्लिंग।
2. स्त्रीलिंग।

1.पुल्लिंग-
जिन संज्ञा शब्दों से पुरुष जाति का बोध हो अथवा जो शब्द पुरुष जाति के अंतर्गत माने जाते हैं वे पुल्लिंग हैं। जैसे-कुत्ता, लड़का, पेड़, सिंह, बैल, घर आदि।

2.स्त्रीलिंग-
जिन संज्ञा शब्दों से स्त्री जाति का बोध हो अथवा जो शब्द स्त्री जाति के अंतर्गत माने जाते हैं वे स्त्रीलिंग हैं। जैसे-गाय, घड़ी, लड़की, कुरसी, छड़ी, नारी आदि।

पुल्लिंग की पहचान-
1. आ, आव, पा, पन न ये प्रत्यय जिन शब्दों के अंत में हों वे प्रायः पुल्लिंग होते हैं। जैसे- मोटा, चढ़ाव, बुढ़ापा, लड़कपन लेन-देन।

2. पर्वत, मास, वार और कुछ ग्रहों के नाम पुल्लिंग होते हैं जैसे-विंध्याचल, हिमालय, वैशाख, सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, राहु, केतु (ग्रह)।
3. पेड़ों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे-पीपल, नीम, आम, शीशम, सागौन, जामुन, बरगद आदि।

4. अनाजों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे-बाजरा, गेहूँ, चावल, चना, मटर, जौ, उड़द आदि।

5. द्रव पदार्थों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे-पानी, सोना, ताँबा, लोहा, घी, तेल आदि।

6. रत्नों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे-हीरा, पन्ना, मूँगा, मोती माणिक आदि।

7. देह के अवयवों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे-सिर, मस्तक, दाँत, मुख, कान, गला, हाथ, पाँव, होंठ, तालु, नख, रोम आदि।

8. जल,स्थान और भूमंडल के भागों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे-समुद्र, भारत, देश, नगर, द्वीप, आकाश, पाताल, घर, सरोवर आदि।

9. वर्णमाला के अनेक अक्षरों के नाम पुल्लिंग होते हैं। जैसे-अ,उ,ए,ओ,क,ख,ग,घ, च,छ,य,र,ल,व,श आदि।

स्त्रीलिंग की पहचान-

1. जिन संज्ञा शब्दों के अंत में ख होते है, वे स्त्रीलिंग कहलाते हैं। जैसे-ईख, भूख, चोख, राख, कोख, लाख, देखरेख आदि।

2. जिन भाववाचक संज्ञाओं के अंत में ट, वट, या हट होता है, वे स्त्रीलिंग कहलाती हैं। जैसे-झंझट, आहट, चिकनाहट, बनावट, सजावट आदि।

3. अनुस्वारांत, ईकारांत, ऊकारांत, तकारांत, सकारांत संज्ञाएँ स्त्रीलिंग कहलाती है। जैसे-रोटी, टोपी, नदी, चिट्ठी, उदासी, रात, बात, छत, भीत, लू, बालू, दारू, सरसों, खड़ाऊँ, प्यास, वास, साँस आदि।

4. भाषा, बोली और लिपियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे-हिन्दी, संस्कृत, देवनागरी, पहाड़ी, तेलुगु पंजाबी गुरुमुखी।

5. जिन शब्दों के अंत में इया आता है वे स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे-कुटिया, खटिया, चिड़िया आदि।

6. नदियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे-गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती आदि।

7. तारीखों और तिथियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे-पहली, दूसरी, प्रतिपदा, पूर्णिमा आदि।

8. पृथ्वी ग्रह स्त्रीलिंग होते हैं।

9. नक्षत्रों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे-अश्विनी, भरणी, रोहिणी आदि।

शब्दों का लिंग-परिवर्तन

प्रत्यय पुल्लिंग स्त्रीलिंग

ई घोड़ा घोड़ी
देव देवी
दादा दादी
लड़का लड़की
ब्राह्मण ब्राह्मणी
नर नारी
बकरा बकरी
इय चूहा चुहिया
चिड़ा चिड़िया
बेटा बिटिया
गुड्डा गुड़िया
लोटा लुटिया
इन माली मालिन
कहार कहारिन
सुनार सुनारिन
लुहार लुहारिन
धोबी धोबिन
नी मोर मोरनी
हाथी हाथिन
सिंह सिंहनी
आनी नौकर नौकरानी
चौधरी चौधरानी
देवर देवरानी
सेठ सेठानी
जेठ जेठानी
आइन पंडित पंडिताइन
ठाकुर ठाकुराइन
आ बाल बाला
सुत सुता
छात्र छात्रा
शिष्य शिष्या
अक को इका करके
पाठक पाठिका
अध्यापक अध्यापिका
बालक बालिका
लेखक लेखिका
सेवक सेविका
इनी (इणी) तपस्वी तपस्विनी
हितकारी हितकारिनी
स्वामी स्वामिनी
परोपकारी परोपकारिनी


कुछ विशेष शब्द जो स्त्रीलिंग में बिलकुल ही बदल जाते हैं।

पुल्लिंग स्त्रीलिंग

पिता माता
भाई भाभी
नर मादा
राजा रानी
ससुर सास
सम्राट सम्राज्ञी
पुरुष स्त्री
बैल गाय
युवक युवती

विशेष वक्तव्य- जो प्राणिवाचक सदा शब्द ही स्त्रीलिंग हैं अथवा जो सदा ही पुल्लिंग हैं उनके पुल्लिंग अथवा स्त्रीलिंग जताने के लिए उनके साथ ‘नर’ व ‘मादा’ शब्द लगा देते हैं। जैसे-

नित्य स्त्रीलिंग पुल्लिंग

मक्खी नर मक्खी
कोयल नर कोयल
गिलहरी नर गिलहरी
मैना नर मैना
तितली नर तितली
बाज मादा बाज
खटमल मादा खटमल
चील नर चील
कछुआ नर कछुआ
कौआ नर कौआ
भेड़िया मादा भेड़िया
उल्लू मादा उल्लू
मच्छर मादा मच्छर



               

6.वचन

वचन
परिभाषा-शब्द के जिस रूप से उसके एक अथवा अनेक होने का बोध हो उसे वचन कहते हैं।
हिन्दी में वचन दो होते हैं-
1. एकवचन
2. बहुवचन
एकवचन-
शब्द के जिस रूप से एक ही वस्तु का बोध हो, उसे एकवचन कहते हैं। जैसे-लड़का, गाय, सिपाही, बच्चा, कपड़ा, माता, माला, पुस्तक, स्त्री, टोपी बंदर, मोर आदि।
बहुवचन-
शब्द के जिस रूप से अनेकता का बोध हो उसे बहुवचन कहते हैं। जैसे-लड़के, गायें, कपड़े, टोपियाँ, मालाएँ, माताएँ, पुस्तकें, वधुएँ, गुरुजन, रोटियाँ, स्त्रियाँ, लताएँ, बेटे आदि।
एकवचन के स्थान पर बहुवचन का प्रयोग
(क) आदर के लिए भी बहुवचन का प्रयोग होता है। जैसे-
(1) भीष्म पितामह तो ब्रह्मचारी थे।
(2) गुरुजी आज नहीं आये।
(3) शिवाजी सच्चे वीर थे।
(ख) बड़प्पन दर्शाने के लिए कुछ लोग वह के स्थान पर वे और मैं के स्थान हम का प्रयोग करते हैं जैसे-
(1) मालिक ने कर्मचारी से कहा, हम मीटिंग में जा रहे हैं।
(2) आज गुरुजी आए तो वे प्रसन्न दिखाई दे रहे थे।
(ग) केश, रोम, अश्रु, प्राण, दर्शन, लोग, दर्शक, समाचार, दाम, होश, भाग्य आदि ऐसे शब्द हैं जिनका प्रयोग बहुधा बहुवचन में ही होता है। जैसे-
(1) तुम्हारे केश बड़े सुन्दर हैं।
(2) लोग कहते हैं।
बहुवचन के स्थान पर एकवचन का प्रयोग
(क) तू एकवचन है जिसका बहुवचन है तुम किन्तु सभ्य लोग आजकल लोक-व्यवहार में एकवचन के लिए तुम का ही प्रयोग करते हैं जैसे-
(1) मित्र, तुम कब आए।
(2) क्या तुमने खाना खा लिया।
(ख) वर्ग, वृंद, दल, गण, जाति आदि शब्द अनेकता को प्रकट करने वाले हैं, किन्तु इनका व्यवहार एकवचन के समान होता है। जैसे-
(1) सैनिक दल शत्रु का दमन कर रहा है।
(2) स्त्री जाति संघर्ष कर रही है।
(ग) जातिवाचक शब्दों का प्रयोग एकवचन में किया जा सकता है। जैसे-
(1) सोना बहुमूल्य वस्तु है।
(2) मुंबई का आम स्वादिष्ट होता है।
बहुवचन बनाने के नियम
(1) अकारांत स्त्रीलिंग शब्दों के अंतिम अ को एँ कर देने से शब्द बहुवचन में बदल जाते हैं। जैसे-
एकवचन बहुवचन
आँख आँखें
बहन बहनें
पुस्तक पुस्तकें
सड़क सड़के
गाय गायें
बात बातें

(2) आकारांत पुल्लिंग शब्दों के अंतिम ‘आ’ को ‘ए’ कर देने से शब्द बहुवचन में बदल जाते हैं। जैसे-
एकवचन बहुवचन एकवचन बहुवचन
घोड़ा घोड़े कौआ कौए
कुत्ता कुत्ते गधा गधे
केला केले बेटा बेटे
(3) आकारांत स्त्रीलिंग शब्दों के अंतिम ‘आ’ के आगे ‘एँ’ लगा देने से शब्द बहुवचन में बदल जाते हैं। जैसे-
एकवचन बहुवचन एकवचन बहुवचन
कन्या कन्याएँ अध्यापिका अध्यापिकाएँ
कला कलाएँ माता माताएँ
कविता कविताएँ लता लताएँ
(4) इकारांत अथवा ईकारांत स्त्रीलिंग शब्दों के अंत में ‘याँ’ लगा देने से और दीर्घ ई को ह्रस्व इ कर देने से शब्द बहुवचन में बदल जाते हैं। जैसे-
एकवचन बहुवचन एकवचन बहुवचन
बुद्धि बुद्धियाँ गति गतियाँ
कली कलियाँ नीति नीतियाँ
कॉपी कॉपियाँ लड़की लड़कियाँ
थाली थालियाँ नारी नारियाँ
(5) जिन स्त्रीलिंग शब्दों के अंत में या है उनके अंतिम आ को आँ कर देने से वे बहुवचन बन जाते हैं। जैसे-
एकवचन बहुवचन एकवचन बहुवचन
गुड़िया गुड़ियाँ बिटिया बिटियाँ
चुहिया चुहियाँ कुतिया कुतियाँ
चिड़िया चिड़ियाँ खटिया खटियाँ
बुढ़िया बुढ़ियाँ गैया गैयाँ
(6) कुछ शब्दों में अंतिम उ, ऊ और औ के साथ एँ लगा देते हैं और दीर्घ ऊ के साथन पर ह्रस्व उ हो जाता है। जैसे-
एकवचन बहुवचन एकवचन बहुवचन
गौ गौएँ बहू बहूएँ
वधू वधूएँ वस्तु वस्तुएँ
धेनु धेनुएँ धातु धातुएँ
(7) दल, वृंद, वर्ग, जन लोग, गण आदि शब्द जोड़कर भी शब्दों का बहुवचन बना देते हैं। जैसे-
एकवचन बहुवचन एकवचन बहुवचन
अध्यापक अध्यापकवृंद मित्र मित्रवर्ग
विद्यार्थी विद्यार्थीगण सेना सेनादल
आप आप लोग गुरु गुरुजन
श्रोता श्रोताजन गरीब गरीब लोग
(8) कुछ शब्दों के रूप ‘एकवचन’ और ‘बहुवचन’ दोनो में समान होते हैं। जैसे-
एकवचन बहुवचन एकवचन बहुवचन
क्षमा क्षमा नेता नेता
जल जल प्रेम प्रेम
गिरि गिरि क्रोध क्रोध
राजा राजा पानी पानी
विशेष- (1) जब संज्ञाओं के साथ ने, को, से आदि परसर्ग लगे होते हैं तो संज्ञाओं का बहुवचन बनाने के लिए उनमें ‘ओ’ लगाया जाता है। जैसे-
एकवचन बहुवचन एकवचन बहुवचन
लड़के को बुलाओ लड़को को बुलाओ बच्चे ने गाना गाया बच्चों ने गाना गाया
नदी का जल ठंडा है नदियों का जल ठंडा है आदमी से पूछ लो आदमियों से पूछ लो
(2) संबोधन में ‘ओ’ जोड़कर बहुवचन बनाया जाता है। जैसे-
बच्चों ! ध्यान से सुनो। भाइयों ! मेहनत करो। बहनो ! अपना कर्तव्य निभाओ।


               

7.कारक

कारक
परिभाषा-संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उसका सीधा संबंध क्रिया के साथ ज्ञात हो वह कारक कहलाता है। जैसे-गीता ने दूध पीया। इस वाक्य में ‘गीता’ पीना क्रिया का कर्ता है और दूध उसका कर्म। अतः ‘गीता’ कर्ता कारक है और ‘दूध’ कर्म कारक।
कारक विभक्ति- संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों के बाद ‘ने, को, से, के लिए’, आदि जो चिह्न लगते हैं वे चिह्न कारक विभक्ति कहलाते हैं।हिन्दी में आठ कारक होते हैं। उन्हें विभक्ति चिह्नों सहित नीचे देखा जा सकता है-
कारक विभक्ति चिह्न (परसर्ग)
1. कर्ता ने
2. कर्म को
3. करण से, के साथ, के द्वारा
4. संप्रदान के लिए, को
5. अपादान से (पृथक)
6. संबंध का, के, की
7. अधिकरण में, पर
8. संबोधन हे ! हरे !
कारक चिह्न स्मरण करने के लिए इस पद की रचना की गई हैं-
कर्ता ने अरु कर्म को, करण रीति से जान।
संप्रदान को, के लिए, अपादान से मान।।
का, के, की, संबंध हैं, अधिकरणादिक में मान।
रे ! हे ! हो ! संबोधन, मित्र धरहु यह ध्यान।।
विशेष-कर्ता से अधिकरण तक विभक्ति चिह्न (परसर्ग) शब्दों के अंत में लगाए जाते हैं, किन्तु संबोधन कारक के चिह्न-हे, रे, आदि प्रायः शब्द से पूर्व लगाए जाते हैं।

1.कर्ता कारक-
जिस रूप से क्रिया (कार्य) के करने वाले का बोध होता है वह ‘कर्ता’ कारक कहलाता है। इसका विभक्ति-चिह्न ‘ने’ है। इस ‘ ने ’ चिह्न का वर्तमानकाल और भविष्यकाल में प्रयोग नहीं होता है। इसका सकर्मक धातुओं के साथ भूतकाल में प्रयोग होता है। जैसे- 1.राम ने रावण को मारा। 2.लड़की स्कूल जाती है।पहले वाक्य में क्रिया का कर्ता राम है। इसमें ‘ने’ कर्ता कारक का विभक्ति-चिह्न है। इस वाक्य में ‘मारा’ भूतकाल की क्रिया है। ‘ने’ का प्रयोग प्रायः भूतकाल में होता है। दूसरे वाक्य में वर्तमानकाल की क्रिया का कर्ता लड़की है। इसमें ‘ने’ विभक्ति का प्रयोग नहीं हुआ है।विशेष- (1) भूतकाल में अकर्मक क्रिया के कर्ता के साथ भी ने परसर्ग (विभक्ति चिह्न) नहीं लगता है। जैसे-वह हँसा।
(2) वर्तमानकाल व भविष्यतकाल की सकर्मक क्रिया के कर्ता के साथ ने परसर्ग का प्रयोग नहीं होता है। जैसे-वह फल खाता है। वह फल खाएगा।
(3) कभी-कभी कर्ता के साथ ‘को’ तथा ‘स’ का प्रयोग भी किया जाता है। जैसे-
(अ) बालक को सो जाना चाहिए। (आ) सीता से पुस्तक पढ़ी गई।
(इ) रोगी से चला भी नहीं जाता। (ई) उससे शब्द लिखा नहीं गया।

2.कर्म कारक-
क्रिया के कार्य का फल जिस पर पड़ता है, वह कर्म कारक कहलाता है। इसका विभक्ति-चिह्न ‘ को ’ है। यह चिह्न भी बहुत-से स्थानों पर नहीं लगता। जैसे- 1. मोहन ने साँप को मारा। 2. लड़की ने पत्र लिखा। पहले वाक्य में ‘मारने’ की क्रिया का फल साँप पर पड़ा है। अतः साँप कर्म कारक है। इसके साथ परसर्ग ‘को’ लगा है।
दूसरे वाक्य में ‘लिखने’ की क्रिया का फल पत्र पर पड़ा। अतः पत्र कर्म कारक है। इसमें कर्म कारक का विभक्ति चिह्न ‘को’ नहीं लगा।

3.करण कारक-
संज्ञा आदि शब्दों के जिस रूप से क्रिया के करने के साधन का बोध हो अर्थात् जिसकी सहायता से कार्य संपन्न हो वह करण कारक कहलाता है। इसके विभक्ति-चिह्न ‘से’ के ‘द्वारा’ है। जैसे- 1.अर्जुन ने जयद्रथ को बाण से मारा। 2.बालक गेंद से खेल रहे है।
पहले वाक्य में कर्ता अर्जुन ने मारने का कार्य ‘बाण’ से किया। अतः ‘बाण से’ करण कारक है। दूसरे वाक्य में कर्ता बालक खेलने का कार्य ‘गेंद से’ कर रहे हैं। अतः ‘गेंद से’ करण कारक है।

4. संप्रदान कारक-
संप्रदान का अर्थ है-देना। अर्थात कर्ता जिस के लिए कुछ कार्य करता है, अथवा जिसे कुछ देता है उसे व्यक्त करने वाले रूप को संप्रदान कारक कहते हैं। इसके विभक्ति चिह्न ‘के लिए’ को हैं।
1.स्वास्थ्य के लिए सूर्य को नमस्कार करो। 2.गुरुजी को फल दो।
इन दो वाक्यों में ‘स्वास्थ्य के लिए’ और ‘गुरुजी को’ संप्रदान कारक हैं।

5. अपादान कारक-
संज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु का दूसरी से अलग होना पाया जाए वह अपादान कारक कहलाता है। इसका विभक्ति-चिह्न ‘से’ है। जैसे- 1.बच्चा छत से गिर पड़ा। 2.संगीता घोड़े से गिर पड़ी।
इन दोनों वाक्यों में ‘छत से’ और घोड़े ‘से’ गिरने में अलग होना प्रकट होता है। अतः घोड़े से और छत से अपादान कारक हैं।

6. संबंध कारक-
शब्द के जिस रूप से किसी एक वस्तु का दूसरी वस्तु से संबंध प्रकट हो वह संबंध कारक कहलाता है। इसका विभक्ति चिह्न ‘ का’, ‘के’, ‘की’, ‘रा’, ‘रे’, ‘री ’ है। जैसे- 1.यह राधेश्याम का बेटा है। 2.यह कमला की गाय है।
इन दोनों वाक्यों में ‘राधेश्याम का बेटे’ से और ‘कमला का’ गाय से संबंध प्रकट हो रहा है। अतः यहाँ संबंध कारक है।

7. अधिकरण कारक-
शब्द के जिस रूप से क्रिया के आधार का बोध होता है उसे अधिकरण कारक कहते हैं। इसके विभक्ति-चिह्न ‘ में’, ‘पर ’ हैं। जैसे- 1.भँवरा फूलों पर मँडरा रहा है। 2.कमरे में टी.वी. रखा है।
इन दोनों वाक्यों में ‘फूलों पर’ और ‘कमरे में’ अधिकरण कारक है।

8. संबोधन कारक -
जिससे किसी को बुलाने अथवा सचेत करने का भाव प्रकट हो उसे संबोधन कारक कहते है और संबोधन चिह्न (!) लगाया जाता है। जैसे- 1. अरे भैया ! क्यों रो रहे हो ? 2. हे गोपाल ! यहाँ आओ।
इन वाक्यों में ‘अरे भैया’ और ‘हे गोपाल’ ! संबोधन कारक है।



               
                 

8.सर्वनाम

सर्वनाम

सर्वनाम-संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द को सर्वनाम कहते है। संज्ञा की पुनरुक्ति को दूर करने के लिए ही सर्वनाम का प्रयोग किया जाता है। जैसे-मैं, हम, तू, तुम, वह, यह, आप, कौन, कोई, जो आदि।
सर्वनाम के भेद- सर्वनाम के छह भेद हैं

1. पुरुषवाचक सर्वनाम।

2. निश्चयवाचक सर्वनाम।

3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम।

4. संबंधवाचक सर्वनाम।

5. प्रश्नवाचक सर्वनाम।

6. निजवाचक सर्वनाम।

1.पुरुषवाचक सर्वनाम-
जिस सर्वनाम का प्रयोग वक्ता या लेखक स्वयं अपने लिए अथवा श्रोता या पाठक के लिए अथवा किसी अन्य के लिए करता है वह पुरुषवाचक सर्वनाम कहलाता है। पुरुषवाचक सर्वनाम तीन प्रकार के होते हैं-
(1) उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम- जिस सर्वनाम का प्रयोग बोलने वाला अपने लिए करे, उसे उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे-मैं, हम, मुझे, हमारा आदि।
(2) मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम- जिस सर्वनाम का प्रयोग बोलने वाला सुनने वाले के लिए करे, उसे मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे-तू, तुम,तुझे, तुम्हारा आदि।
(3) अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम- जिस सर्वनाम का प्रयोग बोलने वाला सुनने वाले के अतिरिक्त किसी अन्य पुरुष के लिए करे उसे अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे-वह, वे, उसने, यह, ये, इसने, आदि।

2.निश्चयवाचक सर्वनाम-

जो सर्वनाम किसी व्यक्ति वस्तु आदि की ओर निश्चयपूर्वक संकेत करें वे निश्चयवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। इनमें ‘यह’, ‘वह’, ‘वे’ सर्वनाम शब्द किसी विशेष व्यक्ति आदि का निश्चयपूर्वक बोध करा रहे हैं, अतः ये निश्चयवाचक सर्वनाम है।

3.अनिश्चयवाचक सर्वनाम-

जिस सर्वनाम शब्द के द्वारा किसी निश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु का बोध न हो वे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। इनमें ‘कोई’ और ‘कुछ’ सर्वनाम शब्दों से किसी विशेष व्यक्ति अथवा वस्तु का निश्चय नहीं हो रहा है। अतः ऐसे शब्द अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहलाते हैं।

4.संबंधवाचक सर्वनाम-

परस्पर एक-दूसरी बात का संबंध बतलाने के लिए जिन सर्वनामों का प्रयोग होता है उन्हें संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। इनमें ‘जो’, ‘वह’, ‘जिसकी’, ‘उसकी’, ‘जैसा’, ‘वैसा’-ये दो-दो शब्द परस्पर संबंध का बोध करा रहे हैं। ऐसे शब्द संबंधवाचक सर्वनाम कहलाते हैं।

5.प्रश्नवाचक सर्वनाम-

जो सर्वनाम संज्ञा शब्दों के स्थान पर तो आते ही है, किन्तु वाक्य को प्रश्नवाचक भी बनाते हैं वे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। जैसे-क्या, कौन आदि। इनमें ‘क्या’ और ‘कौन’ शब्द प्रश्नवाचक सर्वनाम हैं, क्योंकि इन सर्वनामों के द्वारा वाक्य प्रश्नवाचक बन जाते हैं।

6.निजवाचक सर्वनाम-

जहाँ अपने लिए ‘आप’ शब्द ‘अपना’ शब्द अथवा ‘अपने’ ‘आप’ शब्द का प्रयोग हो वहाँ निजवाचक सर्वनाम होता है। इनमें ‘अपना’ और ‘आप’ शब्द उत्तम, पुरुष मध्यम पुरुष और अन्य पुरुष के (स्वयं का) अपने आप का बोध करा रहे हैं। ऐसे शब्द निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं।
विशेष-जहाँ केवल ‘आप’ शब्द का प्रयोग श्रोता के लिए हो वहाँ यह आदर-सूचक मध्यम पुरुष होता है और जहाँ ‘आप’ शब्द का प्रयोग अपने लिए हो वहाँ निजवाचक होता है।
सर्वनाम शब्दों के विशेष प्रयोग
(1) आप, वे, ये, हम, तुम शब्द बहुवचन के रूप में हैं, किन्तु आदर प्रकट करने के लिए इनका प्रयोग एक व्यक्ति के लिए भी होता है।
(2) ‘आप’ शब्द स्वयं के अर्थ में भी प्रयुक्त हो जाता है। जैसे-मैं यह कार्य आप ही कर लूँगा।




                  

9.विशेषण

विशेषण

विशेषण की परिभाषा- संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण आदि) बताने वाले शब्द ‘विशेषण’ कहलाते हैं। जैसे-बड़ा, काला, लंबा, दयालु, भारी, सुन्दर, कायर, टेढ़ा-मेढ़ा, एक, दो आदि।
विशेष्य- जिस संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्द की विशेषता बताई जाए वह विशेष्य कहलाता है। यथा- गीता सुन्दर है। इसमें ‘सुन्दर’ विशेषण है और ‘गीता’ विशेष्य है। विशेषण शब्द विशेष्य से पूर्व भी आते हैं और उसके बाद भी।

पूर्व में, जैसे- (1) थोड़ा-सा जल लाओ। (2) एक मीटर कपड़ा ले आना।
बाद में, जैसे- (1) यह रास्ता लंबा है। (2) खीरा कड़वा है।

विशेषण के भेद- विशेषण के चार भेद हैं-
1. गुणवाचक।
2. परिमाणवाचक।
3. संख्यावाचक।
4. संकेतवाचक अथवा सार्वनामिक।

1.गुणवाचक विशेषण-

जिन विशेषण शब्दों से संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों के गुण-दोष का बोध हो वे गुणवाचक विशेषण कहलाते हैं। जैसे-

(1) भाव- अच्छा, बुरा, कायर, वीर, डरपोक आदि।

(2) रंग- लाल, हरा, पीला, सफेद, काला, चमकीला, फीका आदि।

(3) दशा- पतला, मोटा, सूखा, गाढ़ा, पिघला, भारी, गीला, गरीब, अमीर, रोगी, स्वस्थ, पालतू आदि।

(4) आकार- गोल, सुडौल, नुकीला, समान, पोला आदि।

(5) समय- अगला, पिछला, दोपहर, संध्या, सवेरा आदि।

(6) स्थान- भीतरी, बाहरी, पंजाबी, जापानी, पुराना, ताजा, आगामी आदि।

(7) गुण- भला, बुरा, सुन्दर, मीठा, खट्टा, दानी,सच, झूठ, सीधा आदि।

(8) दिशा- उत्तरी, दक्षिणी, पूर्वी, पश्चिमी आदि।

2.परिमाणवाचक विशेषण-

जिन विशेषण शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा अथवा नाप-तोल का ज्ञान हो वे परिमाणवाचक विशेषण कहलाते हैं।
परिमाणवाचक विशेषण के दो उपभेद है-

(1) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण- जिन विशेषण शब्दों से वस्तु की निश्चित मात्रा का ज्ञान हो। जैसे-

(क) मेरे सूट में साढ़े तीन मीटर कपड़ा लगेगा।

(ख) दस किलो चीनी ले आओ।

(ग) दो लिटर दूध गरम करो।

(2) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण- जिन विशेषण शब्दों से वस्तु की अनिश्चित मात्रा का ज्ञान हो। जैसे-

(क) थोड़ी-सी नमकीन वस्तु ले आओ।

(ख) कुछ आम दे दो।

(ग) थोड़ा-सा दूध गरम कर दो।

3.संख्यावाचक विशेषण-

जिन विशेषण शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध हो वे संख्यावाचक विशेषण कहलाते हैं। जैसे-एक, दो, द्वितीय, दुगुना, चौगुना, पाँचों आदि।
संख्यावाचक विशेषण के दो उपभेद हैं-

(1) निश्चित संख्यावाचक विशेषण - जिन विशेषण शब्दों से निश्चित संख्या का बोध हो। जैसे-दो पुस्तकें मेरे लिए ले आना।
निश्चित संख्यावाचक के निम्नलिखित चार भेद हैं-

(क) गणवाचक- जिन शब्दों के द्वारा गिनती का बोध हो। जैसे-

(1) एक लड़का स्कूल जा रहा है।

(2) पच्चीस रुपये दीजिए।

(3) कल मेरे यहाँ दो मित्र आएँगे।

(4) चार आम लाओ।

(ख) क्रमवाचक- जिन शब्दों के द्वारा संख्या के क्रम का बोध हो। जैसे-

(1) पहला लड़का यहाँ आए।

(2) दूसरा लड़का वहाँ बैठे।

(3) राम कक्षा में प्रथम रहा।

(4) श्याम द्वितीय श्रेणी में पास हुआ है।

(ग) आवृत्तिवाचक - जिन शब्दों के द्वारा केवल आवृत्ति का बोध हो। जैसे-


(1) मोहन तुमसे चौगुना काम करता है।

(2) गोपाल तुमसे दुगुना मोटा है।

(घ) समुदायवाचक- जिन शब्दों के द्वारा केवल सामूहिक संख्या का बोध हो। जैसे-

(1) तुम तीनों को जाना पड़ेगा।

(2) यहाँ से चारों चले जाओ।

(2) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण- जिन विशेषण शब्दों से निश्चित संख्या का बोध न हो। जैसे-कुछ बच्चे पार्क में खेल रहे

हैं।
(4) संकेतवाचक (निर्देशक) विशेषण-
जो सर्वनाम संकेत द्वारा संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बतलाते हैं वे संकेतवाचक विशेषण कहलाते हैं।
विशेष-क्योंकि संकेतवाचक विशेषण सर्वनाम शब्दों से बनते हैं, अतः ये सार्वनामिक विशेषण कहलाते हैं। इन्हें निर्देशक भी कहते हैं।

(1) परिमाणवाचक विशेषण और संख्यावाचक विशेषण में अंतर- जिन वस्तुओं की नाप-तोल की जा सके उनके वाचक शब्द
परिमाणवाचक विशेषण कहलाते हैं। जैसे-‘कुछ दूध लाओ’। इसमें ‘कुछ’ शब्द तोल के लिए आया है। इसलिए यह परिमाणवाचक विशेषण है। 2.जिन वस्तुओं की गिनती की जा सके उनके वाचक शब्द संख्यावाचक विशेषण कहलाते हैं। जैसे-कुछ बच्चे इधर आओ। यहाँ पर ‘कुछ’ बच्चों की गिनती के लिए आया है। इसलिए यह संख्यावाचक विशेषण है। परिमाणवाचक विशेषणों के बाद द्रव्य अथवा पदार्थवाचक संज्ञाएँ आएँगी जबकि संख्यावाचक विशेषणों के बाद जातिवाचक संज्ञाएँ आती हैं।

(2) सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण में अंतर- जिस शब्द का प्रयोग संज्ञा शब्द के स्थान पर हो उसे सर्वनाम कहते हैं। जैसे-वह मुंबई गया। इस वाक्य में वह सर्वनाम है। जिस शब्द का प्रयोग संज्ञा से पूर्व अथवा बाद में विशेषण के रूप में किया गया हो उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। जैसे-वह रथ आ रहा है। इसमें वह शब्द रथ का विशेषण है। अतः यह सार्वनामिक विशेषण है।


विशेषण की अवस्थाएँ-

विशेषण शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बतलाते हैं। विशेषता बताई जाने वाली वस्तुओं के गुण-दोष कम-ज्यादा होते हैं। गुण-दोषों के इस कम-ज्यादा होने को तुलनात्मक ढंग से ही जाना जा सकता है। तुलना की दृष्टि से विशेषणों की निम्नलिखित तीन अवस्थाएँ होती हैं-
(1) मूलावस्था
(2) उत्तरावस्था
(3) उत्तमावस्था

1) मूलावस्था-
मूलावस्था में विशेषण का तुलनात्मक रूप नहीं होता है। वह केवल सामान्य विशेषता ही प्रकट करता है। जैसे- 1.सावित्री सुंदर लड़की है। 2.सुरेश अच्छा लड़का है। 3.सूर्य तेजस्वी है।

(2) उत्तरावस्था-
जब दो व्यक्तियों या वस्तुओं के गुण-दोषों की तुलना की जाती है तब विशेषण उत्तरावस्था में प्रयुक्त होता है। जैसे- 1.रवीन्द्र चेतन से अधिक बुद्धिमान है। 2.सविता रमा की अपेक्षा अधिक सुन्दर है।

(3) उत्तमावस्था-
उत्तमावस्था में दो से अधिक व्यक्तियों एवं वस्तुओं की तुलना करके किसी एक को सबसे अधिक अथवा सबसे कम बताया गया है। जैसे- 1.पंजाब में अधिकतम अन्न होता है। 2.संदीप निकृष्टतम बालक है।
विशेष-केवल गुणवाचक एवं अनिश्चित संख्यावाचक तथा निश्चित परिमाणवाचक विशेषणों की ही ये तुलनात्मक अवस्थाएँ होती हैं, अन्य विशेषणों की नहीं।

अवस्थाओं के रूप-

(1) अधिक और सबसे अधिक शब्दों का प्रयोग करके उत्तरावस्था और उत्तमावस्था के रूप बनाए जा सकते हैं। जैसे-
मूलावस्था उत्तरावस्था उत्तमावस्था
अच्छी अधिक अच्छी सबसे अच्छी
चतुर अधिक चतुर सबसे अधिक चतुर
बुद्धिमान अधिक बुद्धिमान सबसे अधिक बुद्धिमान
बलवान अधिक बलवान सबसे अधिक बलवान
इसी प्रकार दूसरे विशेषण शब्दों के रूप भी बनाए जा सकते हैं।

(2) तत्सम शब्दों में मूलावस्था में विशेषण का मूल रूप, उत्तरावस्था में ‘तर’ और उत्तमावस्था में ‘तम’ का प्रयोग होता है। जैसे-
मूलावस्था उत्तरावस्था उत्तमावस्था
उच्च उच्चतर उच्चतम
कठोर कठोरतर कठोरतम
गुरु गुरुतर गुरुतम
महान, महानतर महत्तर, महानतम महत्तम
न्यून न्यूनतर न्यनूतम
लघु लघुतर लघुतम
तीव्र तीव्रतर तीव्रतम
विशाल विशालतर विशालतम
उत्कृष्ट उत्कृष्टर उत्कृट्ठतम
सुंदर सुंदरतर सुंदरतम
मधुर मधुरतर मधुतरतम

विशेषणों की रचना-
कुछ शब्द मूलरूप में ही विशेषण होते हैं, किन्तु कुछ विशेषण शब्दों की रचना संज्ञा, सर्वनाम एवं क्रिया शब्दों से की जाती है-
(1) संज्ञा से विशेषण बनाना-
प्रत्यय संज्ञा विशेषण संज्ञा विशेषण
क अंश आंशिक धर्म धार्मिक
अलंकार आलंकारिक नीति नैतिक
अर्थ आर्थिक दिन दैनिक
इतिहास ऐतिहासिक देव दैविक
इत अंक अंकित कुसुम कुसुमित
सुरभि सुरभित ध्वनि ध्वनित
क्षुधा क्षुधित तरंग तरंगित
इल जटा जटिल पंक पंकिल
फेन फेनिल उर्मि उर्मिल
इम स्वर्ण स्वर्णिम रक्त रक्तिम
ई रोग रोगी भोग भोगी
ईन,ईण कुल कुलीन ग्राम ग्रामीण
ईय आत्मा आत्मीय जाति जातीय
आलु श्रद्धा श्रद्धालु ईर्ष्या ईर्ष्यालु
वी मनस मनस्वी तपस तपस्वी
मय सुख सुखमय दुख दुखमय
वान रूप रूपवान गुण गुणवान
वती(स्त्री) गुण गुणवती पुत्र पुत्रवती
मान बुद्धि बुद्धिमान श्री श्रीमान
मती (स्त्री) श्री श्रीमती बुद्धि बुद्धिमती
रत धर्म धर्मरत कर्म कर्मरत
स्थ समीप समीपस्थ देह देहस्थ
निष्ठ धर्म धर्मनिष्ठ कर्म कर्मनिष्ठ
(2) सर्वनाम से विशेषण बनाना-
सर्वनाम विशेषण सर्वनाम विशेषण
वह वैसा यह ऐसा
(3) क्रिया से विशेषण बनाना-
क्रिया विशेषण क्रिया विशेषण
पत पतित पूज पूजनीय
पठ पठित वंद वंदनीय
भागना भागने वाला पालना पालने वाला





                 

10.क्रिया

क्रिया

क्रिया- जिस शब्द अथवा शब्द-समूह के द्वारा किसी कार्य के होने अथवा करने का बोध हो उसे क्रिया कहते हैं। जैसे-
(1) गीता नाच रही है।
(2) बच्चा दूध पी रहा है।
(3) राकेश कॉलेज जा रहा है।
(4) गौरव बुद्धिमान है।
(5) शिवाजी बहुत वीर थे।
इनमें ‘नाच रही है’, ‘पी रहा है’, ‘जा रहा है’ शब्द कार्य-व्यापार का बोध करा रहे हैं। जबकि ‘है’, ‘थे’ शब्द होने का। इन सभी से किसी कार्य के करने अथवा होने का बोध हो रहा है। अतः ये क्रियाएँ हैं।
धातु-
क्रिया का मूल रूप धातु कहलाता है। जैसे-लिख, पढ़, जा, खा, गा, रो, पा आदि। इन्हीं धातुओं से लिखता, पढ़ता, आदि क्रियाएँ बनती हैं।
क्रिया के भेद- क्रिया के दो भेद हैं-
(1) अकर्मक क्रिया।
(2) सकर्मक क्रिया।
1.अकर्मक क्रिया-
जिन क्रियाओं का फल सीधा कर्ता पर ही पड़े वे अकर्मक क्रिया कहलाती हैं। ऐसी अकर्मक क्रियाओं को कर्म की आवश्यकता नहीं होती। अकर्मक क्रियाओं के अन्य उदाहरण हैं-
(1) गौरव रोता है।
(2) साँप रेंगता है।
(3) रेलगाड़ी चलती है।
कुछ अकर्मक क्रियाएँ- लजाना, होना, बढ़ना, सोना, खेलना, अकड़ना, डरना, बैठना, हँसना, उगना, जीना, दौड़ना, रोना, ठहरना, चमकना, डोलना, मरना, घटना, फाँदना, जागना, बरसना, उछलना, कूदना आदि।
2.सकर्मक क्रिया-
जिन क्रियाओं का फल (कर्ता को छोड़कर) कर्म पर पड़ता है वे सकर्मक क्रिया कहलाती हैं। इन क्रियाओं में कर्म का होना आवश्यक हैं, सकर्मक क्रियाओं के अन्य उदाहरण हैं-
(1) मैं लेख लिखता हूँ।
(2) रमेश मिठाई खाता है।
(3) सविता फल लाती है।
(4) भँवरा फूलों का रस पीता है।
3.द्विकर्मक क्रिया- जिन क्रियाओं के दो कर्म होते हैं, वे द्विकर्मक क्रियाएँ कहलाती हैं। द्विकर्मक क्रियाओं के उदाहरण हैं-
(1) मैंने श्याम को पुस्तक दी।
(2) सीता ने राधा को रुपये दिए।
ऊपर के वाक्यों में ‘देना’ क्रिया के दो कर्म हैं। अतः देना द्विकर्मक क्रिया हैं।
प्रयोग की दृष्टि से क्रिया के भेद-
प्रयोग की दृष्टि से क्रिया के निम्नलिखित पाँच भेद हैं-
1.सामान्य क्रिया- जहाँ केवल एक क्रिया का प्रयोग होता है वह सामान्य क्रिया कहलाती है। जैसे-
1. आप आए।
2.वह नहाया आदि।
2.संयुक्त क्रिया- जहाँ दो अथवा अधिक क्रियाओं का साथ-साथ प्रयोग हो वे संयुक्त क्रिया कहलाती हैं। जैसे-
1.सविता महाभारत पढ़ने लगी।
2.वह खा चुका।
3.नामधातु क्रिया- संज्ञा, सर्वनाम अथवा विशेषण शब्दों से बने क्रियापद नामधातु क्रिया कहलाते हैं। जैसे-हथियाना, शरमाना, अपनाना, लजाना, चिकनाना, झुठलाना आदि।
4.प्रेरणार्थक क्रिया- जिस क्रिया से पता चले कि कर्ता स्वयं कार्य को न करके किसी अन्य को उस कार्य को करने की प्रेरणा देता है वह प्रेरणार्थक क्रिया कहलाती है। ऐसी क्रियाओं के दो कर्ता होते हैं- (1) प्रेरक कर्ता- प्रेरणा प्रदान करने वाला। (2) प्रेरित कर्ता-प्रेरणा लेने वाला। जैसे-श्यामा राधा से पत्र लिखवाती है। इसमें वास्तव में पत्र तो राधा लिखती है, किन्तु उसको लिखने की प्रेरणा देती है श्यामा। अतः ‘लिखवाना’ क्रिया प्रेरणार्थक क्रिया है। इस वाक्य में श्यामा प्रेरक कर्ता है और राधा प्रेरित कर्ता।
5.पूर्वकालिक क्रिया- किसी क्रिया से पूर्व यदि कोई दूसरी क्रिया प्रयुक्त हो तो वह पूर्वकालिक क्रिया कहलाती है। जैसे- मैं अभी सोकर उठा हूँ। इसमें ‘उठा हूँ’ क्रिया से पूर्व ‘सोकर’ क्रिया का प्रयोग हुआ है। अतः ‘सोकर’ पूर्वकालिक क्रिया है।
विशेष- पूर्वकालिक क्रिया या तो क्रिया के सामान्य रूप में प्रयुक्त होती है अथवा धातु के अंत में ‘कर’ अथवा ‘करके’ लगा देने से पूर्वकालिक क्रिया बन जाती है। जैसे-
(1) बच्चा दूध पीते ही सो गया।
(2) लड़कियाँ पुस्तकें पढ़कर जाएँगी।

अपूर्ण क्रिया-
कई बार वाक्य में क्रिया के होते हुए भी उसका अर्थ स्पष्ट नहीं हो पाता। ऐसी क्रियाएँ अपूर्ण क्रिया कहलाती हैं। जैसे-गाँधीजी थे। तुम हो। ये क्रियाएँ अपूर्ण क्रियाएँ है। अब इन्हीं वाक्यों को फिर से पढ़िए-
गांधीजी राष्ट्रपिता थे। तुम बुद्धिमान हो।
इन वाक्यों में क्रमशः ‘राष्ट्रपिता’ और ‘बुद्धिमान’ शब्दों के प्रयोग से स्पष्टता आ गई। ये सभी शब्द ‘पूरक’ हैं।
अपूर्ण क्रिया के अर्थ को पूरा करने के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है उन्हें पूरक कहते हैं।

general knowledge in hindi quiz-7


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Q.1.मिश्रित अर्थव्यवस्था का क्या अभिप्राय है

ans:सरकारी एवं निजी क्षेत्रों का सह अस्तित्व

Q.2.भारत में प्रथम जैवमण्डल रिजर्व की स्थापना कहाँ हुई थी

ans: नीलगिरि

Q.3.भारत में जन्मे विजय शेषाद्रि ने निम्नलिखित में से किस श्रेणी में प्रतिष्ठित 2014 पुलित्ज़र पुरस्कार जीता था

ans:कविता

Q.4. इलाहबाद स्तम्भ शिलालेख किसने बनवाया था

ans:हरिसेन

Q.5.राष्ट्रसंघ की स्थापना कब की गई थी

ans:1920 में

Q.6.कौनसी प्रघटना यह निर्णय लेने में सहायक होती है की प्रकाश एक अनुप्रस्थ तरंग है

ans:ध्रुवीकरण

Q.7.कीमत विश्लेषण में समय तत्व किसने शुरू किया था

ans:अल्फ्रेड मार्शल

Q.8.कौन से गोलमेज़ सम्मलेन में महात्मा गांधी जी ने भाग लिया था

ans:द्वितीय गोल मेज़ सम्मेलन 1931

Q.9.जैव तंत्र में संख्या की दृष्टि से सर्वाधिक बहुतायत में कौन सा तत्त्व पाया जाता है

ans:कार्बन

Q.10.हरी प्रसाद चौरसिया किस वाद्य के वादन के लिए विख्यात है

ans:बांसुरी

Q.11.अकबर का अभिरक्षक कौन था

ans:बैरम खान

Q.12.संयुक्त राष्ट्र संघ के कितने अंग हैं

ans:०6

Q.13.साबुन कपड़ों की बेहतर सफाई में क्यों सहायक होता है

ans:यह घोल के पृष्ठीय तनन को कम करता है।

Q.14.जे बी से का बाजार नियम किसे स्वीकार्य नही था

ans: माल्थस

Q.15.गरीबी हटाओ नारा कौन सी योजना में शामिल किया गया था

ans: पांचवी योजना

Q.16.भारत में समुद्री गाय किसके बायो रिज़र्व क्षेत्र में पाई जाती है

ans: मन्नार की खाड़ी

Q.17.इटली का राष्ट्रिय चिन्ह क्या है

ans: गरुड़

Q.18.मैजिक सीड्स पुस्तक के लेखक कौन हैं

ans: वी एस नायपॉल

Q.19.गरीबी हटाओ नारा कौन सी योजना में शामिल किया गया था

ans:पांचवी योजना

Q.20.भारत में समुद्री गाय किसके बायो रिज़र्व क्षेत्र में पाई जाती है

ans:मन्नार की खाड़ी

Q.21.इटली का राष्ट्रिय चिन्ह क्या है

ans:गरुड़

Q.22.मैजिक सीड्स पुस्तक के लेखक कौन हैं

ans:गरुड़

Q.23.रवांडा की राजधानी क्या है

ans: किगाली

Q.24.पौधे का आर्द्र पतन रोग किसके कारण होता है

ans: फाइटोप्थोरा इनफेस्टेंस

Q.25.लोक चित्रकला की मधुबनी शैली भारत में निम्नलिखित में से किस राज्य में प्रचलित है

ans: बिहार

Q.26.हेमिकॉर्डेटा में उत्सृजन किसके द्वारा होता है

ans: केशिका गुच्छ

Q.27. LHC किस मशीन के लिए प्रयुक्त संक्षिप्त रूप है

ans:लार्ज हैड्रन कोलाइडर

Q.28.जीवन की रासायनिक संश्लेषण से उत्पत्ति को प्रयोगशाला में किसके द्वारा सिद्ध किया गया था

ans:मिलर

Q.29.USB संग्रह युक्ति का कौनसा प्रकार है

ans:द्वितीयक

Q.30.कस्टर्ड पाउडर तैयार करने में निम्नलिखित में से किसका सामान्यतया प्रयोग किया जाता है

ans:रागी

Q.31.भारतीय अर्थव्यवस्था कैसी है

ans: मिश्रित अर्थव्यवस्था

Q.32.विश्व मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है

ans:10 दिसंबर

Q.33. मूंगे की चट्टानों के संरक्षण के लिए भारत सरकार ने निम्नलिखित में से किसे समुद्री पार्क घोषित किया है

ans:कच्छ की खाड़ी

Q.34. मृग मरीचिका बनाने वाली प्रघटना को क्या कहते हैं

ans:पूर्ण आंतरिक परावर्तन

Q.35.रिक्टर स्केल का प्रयोग किसके मापने के लिए किया जाता है

answer भूकम्प की तीव्रता

36. विविध जलवायु एवं मौसम दशाओ को बदलने वाली सभी महत्वपपूर्ण वायुमंडलीय प्रकियाएं कहाँ घटित होती हैं

ans: क्षोभ मंडल

Q.37.डाउन सिंड्रोम वाले व्यक्ति अपरिहार्य रूप से किससे ग्रस्त हो जाते हैं

ans:अल्जाइमर रोग

Q.38.अंटार्टिक में अनुसन्धान करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित अनुसन्धान केंद्र का नाम क्या है

ans:दक्षिणी गंगोत्री

Q.39.एक किशोरवय मनुष्य में सामान्य रक्त दाब कितना होता है

ans:120/80 mmHg

Q.40.अयस्क के ताप उपचार के प्रयोग को जिसमें गलाना और पकाना शामिल है , क्या कहते हैं

ans:पायरोमेटलर्जी

Q.41. एज़रा कप का सम्बन्ध किस खेल से है

ans: पोलो

Q.42. पानीपत की पहली लड़ाई किस वर्ष लड़ी गयी थी

answer 1526

Q.43.वायु को संतृप्त कब माना जाता है

ans: जब इसमें जल वाष्प का अंश अधिकतम हो

Q.44.संविधान के किस संशोधन द्वारा मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई

ans: 61 वें संशोधन

Q.45. भागीरथी और अलकनंदा गंगा में कहाँ पर मिलती हैं

ans: देव प्रयाग

Q.46.जर्मनी में नाजीवाद की वकालत किसने की थी

ans: एडोल्फ हिटलर

Q.47.गोवा के महत्वपूर्ण किले को बह्मनियो से छीनने वाला प्रथम विजय नगर शासक कौन था?

ans:हरिहर

Q.48. 15 जनवरी को किस रूप में मनाया जाता है

answer सेना दिवस

49.लक्कादिव, मिनिकोय और अमीनदीवी द्वीप का नाम बदल कर लक्षद्वीप किस वर्ष में संसदीय अधिनियम द्वारा किया गया था

ans:1973

Q.50. बैटरी का आविष्कार किसने किया

ans: वोल्टा

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general knowledge quiz-5


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Q.1. किस तंत्र में कुछ लोग अधिक लोगों पर शासन करते हैं

ans:अल्पतंत्र

Q.2.भारत के पहले उप-प्रधान मंत्री कौन थे

ans:सरदार वल्लभभाई पटेल

Q.3.भारत पूर्ण संप्रभु लोकतान्त्रिक गणतंत्र कब बना

ans:26 नवम्बर 1949

Q.4.किस अनुच्छेद के अनुसार राज्य विधान परिषद बनाई या समाप्त की जा सकती है

ans:अनुच्छेद 168

Q.5. दिल्ली सल्तनत का अंतिम वंश क्या था

ans:लोदी वंश

Q.6.विशाल स्नानागार (ग्रेट बाथ ) कहाँ मिला था

ans: मोहनजोदड़ो

Q.7.किस देश ने "समुद्रों की रानी " की उपाधि प्राप्त की

ans:फ़्रांस

Q.8. दक्षिण विजय करने का मिशन अलाउद्दीन ख़िलजी ने किसे सौपा

ans:मलिक काफूर

Q.9.'चहलगणी 'या ' फोर्टी' के रूप में विख्यात टर्की सामंतों की शक्ति को भंग करने वाला प्रथम दिल्ली सुल्तान कौन था

ans:बलबन

Q.10.किस दिन पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट होती है

ans: 3 जनवरी

Q.11.निम्नतम तापमान किसके द्वारा मापा जाता है

ans:एल्कोहॉल थर्मामीटर

Q.12.केंद्रीय प्रवृति का सर्वाधिक स्थिर माप क्या है

ans: माध्यक

Q.13.रेपसीड किस्से सम्बंधित होता है

ans: सरसो

Q.14.उभरे क्षेत्रफल सहित किसी क्षेत्र की विस्तृत धरातली विशेषताओं को दर्शाने वाले पर्याप्त विस्तृत मानचित्र को क्या कहते हैं

ans:भौगोलिक मानचित्र

Q.15.पारिस्थितिकी विज्ञानं केंद्र कहाँ स्थित है

ans: बेंगलुरु

Q.16. भारत का प्रथम राष्ट्रिय उद्यान कौन सा है

ans:कार्बेट नेशनल पार्क

Q.17. पेनिसिलिन की खोज किसने की

ans:एलेग्जेंडर फ्लेमिंग

Q.18.कौनसा विटामिन प्रतिरक्षा प्रदान करता है

ans: A

Q.19.श्वसन का नियंत्रण मस्तिष्क के किस भाग से किया जाता है

ans:मेडुला ऑब्लांगेटा

Q.20.समुद्री व्हेल में अंग किस रूप में परिष्कृत होते हैं

ans:मीनपक्ष

Q.21.क्योटो प्रोटोकॉल क्या है

ans:यह ग्लोबल वार्मिंग की कम करने के उपाय करने के लिए देशों के बीच एक करार होता है।

Q.22.एलोरा में प्रसिद्ध शिव मंदिर का निर्माण किसने करवाया था

ans:राष्ट्रकूट शासक कृष्णा I

Q.23.वर्गीकरण का प्राकृतिक सिस्टम किस वनस्पति विज्ञानी ने'प्रस्तुत किया था

ans: स्वीडिश

Q.24.विश्व वन्य जीव निधि का शिलान्यास किस वर्ष किया गया

ans:1961

Q.25.मेधावी राजस्व अधिकारी टोडरमल ने किसके अधीन सेवा

ans:शेरशाह

Q.26.सरलतम सीपीयू -अनुसूची कलन विधि क्या है

ans: एफ सी एफ एस अनुसूची कलन विधि

Q.27. पृथ्वी दिवस कब मनाया जाता है

ans: 22 अप्रैल

Q.28.इस्पात के गोले में पदार्थ की मात्रा उसका क्या होता है

ans: दृव्यमान

Q.29.ROM के सभी रूपों को और क्या कहते हैं

ans:फर्मवेयर

Q.30.किमोनो किस एशियाई देश की परिधान शैली है

ans:जापान

Q.31.रोमांसिंग विद लाइफ पुस्तक के लेखक कौन है

ans:देव आनंद

Q.32.एमिनो एसिड की आवश्यकता किसके संश्लेषण के लिए होती है

ans:एल्केलॉइड

Q.33.यदि जाइलम और फ्लोएम को एक ही त्रिज्या में व्यवस्थित किया जाये तो ऐसे संवहन पूल को क्या कहते है

ans:संपार्श्विक

Q.34.प्रथम भाषायी राज्य किसे बनाया गया है

ans:आँध्रप्रदेश

Q.35.ब्लैक होल त्रासदी कहाँ घाटी थी

answer कलकत्ता

36.धातुओ का राजा क्या है

ans:सोना

Q.37.किसने स्वायत्त निवेश को प्रेरित निवेश से पृथक किया था

ans:शुम्पीटर

Q.38.रगबी फुटबॉल में प्रत्येक पक्ष में खिलाडियों की कितनी संख्या होती है

ans:15

Q.39. विषम मिश्रण से लोहे की परत को किस तकनीक से पृथक किया जा सकता है

ans:चुम्बकीकरण

Q.40.विश्व के कितने धरातल में पानी है

ans:70 %

Q.41.क्रिस्मस फैक्टर किसमें निहित होता है

ans:रक्त जमाव

Q.42.मांग वक्र कब अंतरित नहीं होता

answer जब विज्ञापन व्यय में कोई बदलाव होता है।

Q.43.विद्युत और चुम्बकत्व के बीच लिंक की खोज किसने की

ans:मैक्सवैल

Q.44.प्रस्वेदन किस स्थिति में बढ़ता है

ans:गर्म शुष्क और हवादार स्थिति में

Q.45.प्लैंक के अचर में किसका आयाम होता है

ans:कोणीय गति

Q.46.जब x वस्तु की एवजी कीमत कम होती है, तो x की मांग

ans: बढ़ जाती है।

Q.47.डा पी रामा राव समिति निम्नलिखित में से किस्से सम्बंधित है

ans: रक्षा

Q.48.कौन सी नदी हिमालय के पार से निकलती है

answer सिंधु

49.अरुंधति राय किस पुस्तक की लेखिका हैं

ans:गॉड ऑफ़ स्मॉल थिंग्स

Q.50.मीनमाता रोग किसके द्वारा पानी के प्रदुषण से फैलता हैं

ans:पारद


general knowledge quiz-4


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Q.1.फुल फॉर्म ऑफ़ FBI

ans:फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टीगेशन

Q.2.फुल फॉर्म ऑफ़ LPG

ans:लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस

Q.3.फुल फॉर्म ऑफ़ MBBS

ans:बैचलर ऑफ़ मेडिसिन ,बैचलर ऑफ़ सर्जरी

Q.4.भारत संघ में कितने राज्य हैं

ans:29

Q.5.मंगल की परिक्रमा कक्ष में जाने वाले प्रथम एशियाई देश का नाम बताइए

ans: भारत

Q.6.भारत में बनी प्रथम बोलने वाली फिल्म कौन सी थी

ans: आलम अारा

Q.7. सेफ्टी रेजर का अविष्कार किसने किया

ans:जिलेट

Q.8.500 और 1000 रूपये के 2005 से पहले के करंसी नोट बदलने की भारतीय रिजर्व बैंक की अंतिम समय सीमा क्या है

ans: 31 दिसंबर 2015

Q.9.प्रतिवर्ष कितने नोबेल प्राइज पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं

ans:6

Q.10.भारत में अंतिम टेलीग्राम कब भेजा गया

ans:14 जुलाई 2013

Q.11.प्रसिद्ध उपन्यास 'द गाइड ' किसने लिखा था

ans: आर के नारायण

Q.12.न्यू ऐज एल्बम श्रेणी में किस भारतीय ने ग्रैमी पुरस्कार 2015 जीता है

ans: संगीतज्ञ रिकी केज

Q.13. पृथ्वी घंटे की अवधारणा कब और कहाँ शुरू हुई

ans: मार्च 2007 सिडनी ऑस्ट्रेलिया में

Q.14.'बादल फटने 'का क्या अर्थ है

ans: भारी तूफान के साथ असाधारण रूप में भारी वर्षा

Q.15.एंडी रेडमेन ने किस फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ऑस्कर (2015 ) जीता है

ans: द थेओरी ऑफ़ एवरीथिंग

Q.16.सूखी बर्फ किसका ठोस रूप है

ans:कार्बन डाई -ऑक्साइड

Q.17.मालदीव का गंभीर पर्यावरण निम्नकोटीकरण अनिवार्यतः किसके कारण माना जाता है

ans:जल और वायु का आद्योगिक प्रदुषण

Q.18.प्रथम विश्व पर्यावरण दिवस किस वर्ष मनाया गया था

ans:1973

Q.19.वस्तु विनमय संव्यवहार का क्या अर्थ है

ans: वस्तुओँ का विनमय वस्तुओं के साथ किया जाता है

Q.20.लोकतान्त्रिक संस्थाओं के विकास के लिए कौन सा एक कारक आवश्यक है

ans: व्यक्तिगत अधिकारों का सम्मान

Q.21.वह प्रथम भारतीय कौन था जो ब्रिटिश संसद का सदस्य बना

ans:दादाभाई नौरोजी

Q.22.सरकार के संसदीय रूप का विचार कहाँ से लिया गया है

ans:आयरलैंड

Q.23.राष्ट्रिय नवीनीकरण निधि (एन आर एफ )किस प्रयोजन से संस्थापित की गई थी

ans:उद्योंगो का पुनर्निर्माण एवं आधुनिकीकरण

Q.24.भारतीय आद्योगिक विकास बैंक की स्थापना कब की गई थी

ans:जुलाई 1964

Q.25.विषम क्या है

ans:SNMP

Q.26.किस मेमोरी को प्रति सेकंड कई मदों को नवीनीकृत करना चाहिए

ans: स्टैटिक RAM

Q.27. जब किसी बंद कमरे में कोयला जलाया जाता है कौन सी गैस घुटन और मृत्यु का कारण बनती है

ans:कार्बन मोनोऑक्साइड

Q.28. द्रव्यमान संख्या किसका योग है

ans:प्रोटोन और न्यूट्रॉन

Q.29.वे कौनसी दो धातुएं हैं जो सिल्वर रंग की नहीं होती

ans: तांबा और सोना

Q.30.शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों की जाँच करने के लिए पुलिस द्वारा प्रयुक्त श्वास विश्लेषक किस रासायनिक आधार पर कार्य करता है

ans:अम्ल क्षार अभिक्रिया

Q.31.दाँतो की कठोर इनेमल परत क्या होती है

ans: कैल्शियम फॉस्फेट

Q.32.पारिस्थितिकी तंत्र के दो घटक कौन से हैं

ans: जैविक और अजैविक

Q.33.कौनसी प्रजाति भारत में स्थानीय स्तर पर विलुप्त हो गई है

ans:जंगली उलूकक

Q.34. हानिकारक पराबैंगनी किरणों से रक्षा करने वाली भूमि के चारों ओर मौजूद परत के क्षय का कारण कौन सी गैस है

ans:क्लोरोफ्लोरो कार्बन

Q.35.क्या SO2 प्रदुषण का सर्वोत्तम सूचक है

answer लाइकेन

36. "ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ़ टाइम " नामक पुस्तक किस वैज्ञानिक ने लिखी

ans:स्टीफन हॉकिंग

Q.37.किस दिन प्रतिवर्ष खेल दिवस मनाया जाता है

ans:29 अगस्त

Q.38.विश्व पर्यावरण दिवस किस दिन मनाया जाता है

ans:5 जून

Q.39. पारद थर्मामीटर का अविष्कार किसने किया था

ans:फॉरेनहाइट

Q.40.अमजद अली खान निम्नलखित में से किस संगीत वाद्य से जुड़े हैं

ans:सरोद

Q.41.ब्राबोर्न स्टेडियम कहाँ स्थित है

ans:मुंबई

Q.42.होम्योपैथी के संस्थापक कौन हैं

answer हाहनेमेन

Q.43.मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है

ans:10 दिसंबर

Q.44.टेलीविजन का अविष्कार किसने किया था

ans:जे एल बेयर्ड

Q.45.भारत का प्रथम हाई स्पीड ग्रामीण ब्रॉडबैंड नेटवर्क किस राज्य के जिले में शुरू किया गया

ans: केरल

Q.46.भारत में शेयर बाजार की कार्यप्रणाली का विनियमन कौन करता है

ans:सेबी

Q.47.सकल मौद्रिक संसाधन क्या है

ans: M 3

Q.48.भारतीय रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण किस वर्ष हुआ था

answer 1949

49.हवाला क्या है

ans:कर वंचन

Q.50.अंतिम अपीलीय न्यायलय कौन सा है

ans: उच्चतम न्यायालय


general knowledge quiz-3


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Q.1.किस बादशाह के अंतर्गत मुगल सेना में सर्वाधिक हिन्दू सेनापति थे

ans:औरंगजेब

Q.2.किस देश में बकरियों की संख्या सबसे अधिक है

ans: भारत

Q.3.मालदीव के मोहम्मद नशीद के विषय में निम्नलिखित कथनों में से कौनसा एक सही नहीं है

ans:वह दीर्घकालिक राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम की नीतियों का प्रबल पक्षधर था

Q.4.शुंगलू समिति की नियुक्ति प्रधानमंत्री द्वारा क्यों की गई थी

ans: राष्ट्रमंडल खेलों के संचालन में भ्रष्टाचार के आरोपों की छानबीन के लिए

Q.5.सेवा का अधिकार निम्नलिखित में से किस विधेयक/अधिनियम का हिस्सा है

ans:नागरिक चार्टर और शिकायत निवारण विधेयक

Q.6.भारत के किस शहर को डायमंड हारबर के नाम से जाना जाता है

ans:कोलकाता

Q.7. इस्पात नगर भारत के किस नगर को कहा जाता है

ans:जमशेदपुर

Q.8.भारत के किस शहर गोल्डन सिटी को कहा जाता है

ans:अमृतसर

Q.9.भारत के किस शहर को सूती वस्त्रों की राजधानी कहा जाता है

ans: मुंबई

Q.10.भारत के किस राज्य को सोया प्रदेश कहा जाता है

ans:मध्य प्रदेश

Q.11.पृथ्वी का स्वर्ग भारत के किस नगर को कहा जाता है

ans: श्रीनगर

Q.12.अन्ना हज़ारे को किसकी मान्यता में 'पद्मभूषण' से सम्मानित किया गया

ans: महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में रालेगांव सिद्धि नामक बंजर सूखे गांव को आत्म-पूर्णता, पर्यावरण अनुकूली और सामंजस्य वाले आदर्श गांव में बदलना

Q.13.भारतीय घटनाओ में से किसी एक को फरवरी 2013 से अंतर्राष्ट्रीय घटना मेले के रूप में बढ़ाया जायेगा

ans: सूरजकुंड शिल्प मेला

Q.14.हड़प्पा के लोगों की राजव्यवस्था, जैसा की वस्तुपरक साक्ष्य से परिणमित होता है, कैसी थी

ans:धर्मतन्त्रीय - एकात्मक

Q.15.उत्तर-पूर्वी भारत में पारम्परिक रूप से प्रदर्शित किया जाने वाला जौबनी नृत्य किनके द्वारा किया जाने वाला नृत्य है

ans:दिमास जन

Q.16.किस एक संस्कृति ने अपने मृदभांड़ो को सर्वप्रथम चित्रित किया

ans:ताम्रपाषाण

Q.17.आयोडिनीकृत नमक क्या है

ans:पोटैशियम आयोडाइड और साधारण नमक का मिश्रण

Q.18.प्रत्यम्लो का आमतौर पर इस्तेमाल पेट की अम्लीयता से छुटकारा पाने के लिए होता है। आमतौर पर प्रयुक्त प्रत्यम्ल कौन सा है

ans:मैग्नीशियम हाइड्रोक्सीडे

Q.19.हाल ही में USA की एप्पल कम्प्यूटर्स ने एक ऐसे टचपैड की शुरुआत की है जिसमें प्रयोक्ता डेस्कटॉप कम्प्यूटर को ऊँगली की भंगिमाओं से चला सकता है, और इस तरह माउस की आवश्यकता नहीं रहती है। उस युक्ति का नाम क्या है

ans:जादू पथ पैड

Q.20.वह युक्ति कौन सी है जो हमारे टीवी सेट, कम्यूटर, रेडियो सेट में विद्युत आवेश के संग्रहण के लिए प्रयुक्त होती है

ans:संधारित्र

Q.21.किस एक को स्थलीय ग्रह कहते हैं

ans:बुध

Q.22. वे तरंगे, जो वैज्ञानिकों को भूमि की आंतरिक संरचना को समझने में मदद करती हैं , कौन सी हैं

ans:पृष्ठीय तरंगे

Q.23.आयोडिनीकृत नमक क्या है

ans:पोटैशियम आयोडाइड और साधारण नमक का मिश्रण

Q.24.प्रत्यम्लो का आमतौर पर इस्तेमाल पेट की अम्लीयता से छुटकारा पाने के लिए होता है। आमतौर पर प्रयुक्त प्रत्यम्ल कौन सा है

ans: मैग्नीशियम हाइड्रोक्सीडे

Q.25.हाल ही में USA की एप्पल कम्प्यूटर्स ने एक ऐसे टचपैड की शुरुआत की है जिसमें प्रयोक्ता डेस्कटॉप कम्प्यूटर को ऊँगली की भंगिमाओं से चला सकता है, और इस तरह माउस की आवश्यकता नहीं रहती है। उस युक्ति का नाम क्या है

ans: जादू पथ पैड

Q.26.वह युक्ति कौन सी है जो हमारे टीवी सेट, कम्यूटर, रेडियो सेट में विद्युत आवेश के संग्रहण के लिए प्रयुक्त होती है

ans:संधारित्र

Q.27. किस एक को स्थलीय ग्रह कहते हैं

ans: बुध

Q.28.वे तरंगे, जो वैज्ञानिकों को भूमि की आंतरिक संरचना को समझने में मदद करती हैं , कौन सी हैं

ans: पृष्ठीय तरंगे

Q.29.आयोडिनीकृत नमक क्या है

ans:पोटैशियम आयोडाइड और साधारण नमक का मिश्रण

Q.30.प्रत्यम्लो का आमतौर पर इस्तेमाल पेट की अम्लीयता से छुटकारा पाने के लिए होता है। आमतौर पर प्रयुक्त प्रत्यम्ल कौन सा है

ans:मैग्नीशियम हाइड्रोक्सीडे

Q.31.गद्दी कौन हैं

ans:हिमाचल प्रदेश के मेषपाल

Q.32.कौन सा एक , भारत के संविधान में सम्मिलित मूल अधिकारों में शामिल नहीं है

ans:सूचना का अधिकार

Q.33.कौनसा एक, भारत के नागरिक का मूल कर्तव्य नहीं है

ans:परिवार नियोजन अपनाना एवं जनसख्या नियंत्रण करना

Q.34.बहुचर्चित कार्टून चरित्रों में से किस एक ने वर्ष 2012 में अपनी रचना के 50 वर्ष पूरे किये

ans:अटरली बटरली अमूल गर्ल

Q.35.मशहूर गोल गुम्बज किस राज्य में है

answer कर्नाटक

36.भारत में डाक सेवा की स्थापना किस वर्ष हुई

ans:1774

Q.37.मुहम्मद आदिल शाह कहाँ के सुल्तान थे

ans:बीजापुर

Q.38.भारत का सबसे बड़ा पोस्ट ऑफिस कहाँ है

ans: मुंबई

Q.39

general knowledge quiz-2


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Q.1.कम्पनी कर मुख्यतः लगता है

ans:कम्पनी के आय पर

Q.2.किन्हें गौरांग प्रभु भी कहा जाता है

ans:चैतन्य

Q.3.न उड़ सकने वाला पक्षी 'एमु' सबसे ज्यादा कहाँ पाया जाता है

ans:ऑस्ट्रेलिया

Q.4. किस खनिज से जुड़ी गतिविधियों के लिए भारत में अलग केन्द्रीय मंत्रालय है

ans:कोयला

Q.5.विदेशिया का सर्वाधिक प्रचलन किन राज्यों के ग्रामीण जनता में है

ans:उत्तर प्रदेश तथा बिहार

Q.6.अगस्त 1932 में सांप्रदायिक अधिनियम के आधार पर किसने भारत में भिन्न निर्वाचन मंडल निर्धारित किये

ans: रैमसे मैक्डोनल्ड

Q.7. "सत्यार्थ प्रकाश" के लेखक हैं

ans: स्वामी दयानंद

Q.8.अन्तरिक्ष में जाने वाले पहले मानव का क्या नाम है

ans:यूरी गागरिन

Q.9. दस डिग्री चेनल पृथक करता है

ans:अंडमान को निकोबार द्वीप समूह से

Q.10. अन्तरिक्ष मे जाने वाली प्रथम महिला कौन थी

ans:वेलेन्टिना तरेश्कोवा

Q.11.हृदय की धड़कन नियंत्रित करने के लिए कौन सा खनिज आवश्यक है

ans:पोटैशियम

Q.12. अन्तरिक्ष मे जाने वाला प्रथम भारतीय कौन था

ans:राकेश शर्मा

Q.13. भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन कब किया गया

ans:1956 में

Q.14.चन्द्रमा पर पहुँचने वाला प्रथम व्यक्ति कौन था

ans:नील आर्मस्ट्रांग

Q.15.दक्षेस (सार्क) के चौदहवें शिखर सम्मलेन में किस देश को आठवाँ सदस्य बनाया गया

ans:अफगानिस्तान

Q.16.सिकन्दर के हमले के समय उत्तर भारत पर निम्न राजवंशों में से किस राजवंश का शासन था

ans:नन्द

Q.17. सरदार वल्लभ भाई पटेल को किसके सामान माना गया है

ans:बिस्मार्क

Q.18.कौन सी दस्तकारी आर्यों द्वारा व्यवहार में नहीं लाई जाती थी

ansलुहारगिरी

Q.19.मंगल ग्रह पर चालक रहित अंतरिक्षयान भेजने वाला पहला देश कौन सा है

ans: अमेरिका

Q.20.किस महिला क्रन्तिकारी ने 1932 में दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त करते हुए गवर्नर पर गोली चलाई

ans:बीना दास

Q.21.मंगल ग्रह पर उतरने वाले पहले अंतरिक्ष यान का नाम क्या है

ans:वाइकिंग-1

Q.22.आरम्भिक वैदिक साहित्य में सर्वाधिक वर्णित नदी है

ans:सिंधु

Q.23.सातवाहनों के समय किस धातु की मुद्रा सर्वाधिक प्रचलित थी

ans:सीसा

Q.24.मंगल ग्रह पर चालक रहित अंतरिक्षयान भेजने वाला पहला देश कौन सा है

ans:अमेरिका

Q.25."हे प्रभो! आनन्ददाता ज्ञान हमको दीजिए" गीत के रचयिता हैं

ans:रामनरेश त्रिपाठी

Q.26.चन्द्रमा पर मानव को पहुचाने वाला यान प्रथम अन्तरिक्ष यान कौन सा था

ans:अपोलो-11

Q.27.वैदिक काल में आर्यों के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन था

ans:कृषि

Q.28.अंतिम बौद्ध राजा कौन था जो संस्कृत का महान विद्वान था

ans:हर्षवर्धन

Q.29. किस देश की राजधानी वारसा है

ans:पोलैंड

Q.30.अब तक सबसे ज्यादा क्रिकेट टेस्ट मैच खेलने वाला देश कौन सा है

ans:इंग्लैंड

Q.31.संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे

ans:जॉर्ज़ वाशिंगटन

Q.32. रामायण के किस काण्ड में हनुमान द्वारा लंकादहन का वर्णन है

ans:सुन्दर काण्ड

Q.33.कालिदास की किस कृति की गणना विश्व की सर्वाधिक प्रसिद्ध 100 कृतियों में की जाती हैं

ans:अभिज्ञान शाकुंतलम् कीं

Q.34. स्वर्ण मंदिर का शहर किस जगह को कहा जाता है

ans:अमृतसर

Q.35.बैंको का बैंक किसे कहते है

answer RBI

36. महात्मा बुध्द ने सर्वाधिक उपदेश कहाँ दिए

ans:श्रावस्ती

Q.37.भारत के किस शहर का नाम रैलियों का नगर कहा जाता है

ans:नई दिल्ली

Q.38.भारत के किस शहर को पर्वतों की रानी कहा जाता है

ans:मसूरी

Q.39. कपिल मुनि द्वारा प्रतिपादित दार्शनिक प्रणाली है

ans:पूर्व मीमांसा सांख्य दर्शन न्याय दर्शन उत्तर मीमांसा उत्तर: सांख्य दर्शन

Q.40.मेघालय का भौगोलिक उपनाम क्या है

ans:मेघों का घर

Q.41.अहमदाबाद को किन किन उपनामों से जाना जाता है

ans:भारत का मैनचेस्टर , भारत का बोस्टन

Q.42.भारत के किस शहर को ईश्वर का निवास स्थान कहा जाता है

answer प्रयाग

Q.43.भारत के किस शहर को क्वीन ऑफ़ डेक्कैन कहा जाता है

ans: पुणे

Q.44.भारत के किस राज्य को साल्ट सिटी कहा जाता है

ans: गुजरात

Q.45.राजस्थान स्थित जयपुर का उपनाम क्या है

ans: गुलाबी नगर

Q.46.पंचमढ़ी अभ्यारण्य किस राज्य में स्थित है

ans:मध्य प्रदेश

Q.47.किस एक नाभिकीय सक्षम देश की ,'पहले प्रयोग न करने ' की घोषित नीति है

ans:चीनी लोक गणतंत्र

Q.48.क्षिण चीन सागर में भूभागीय और समुद्री विवाद से सम्बंधित वर्ष 2002 आचार संहिता, चीन और किसके बीच हस्ताक्षरित हुई

answer ASEAN

49.ट्यूबरकुलोसिस रोग का कारण है

ans:माइक्रोबेक्टेरियम

Q.50. शाहजहां ने किस शहर में मोती मस्जिद बनवाई थी

ans:आगरा


general knowledge quiz-1


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Q.1.भारत में इस समय कितने राज्य हैं

ans: 29

Q.2.कौन सी नदी बंगाल की खाड़ी में नहीं गिरती

ans: नर्मदा

Q.3.नदियों में से किस नदी को दक्षिण की गंगा कहा जाता है

ans:कावेरी

Q.4.अमरनाथ गुफ़ा जो भगवान शिव का स्थल है वह किस राज्य में है

ans:जे एंड के

Q.5.कौन सी सबसे ज्यादा पैसे कमाने वाली फसल है

ans:सूत

Q.6.भारत की सबसे पुरानी पहाड़ी श्रृंखला कौन सी है

ans:अरावली

Q.7.कौन सी सिंध नदी की सहायक नदी है

ans:यमुना

Q.8.श्रीनगर किस नदी के किनारे बसा हुआ है

ans:झेलम

Q.9.भारत की किस नदी का उपनाम भारत की दुखों की नदी है

ans:कोसी

Q.10.भारत की सबसे ऊँची पर्वतीय चोटी कौन सी है

ans:कंचनजंगा

Q.11.कौन-सा बादशाह सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग कपड़े पहनता था

ans: हुमायूँ

Q.12.हर्षवर्धन की मृत्यु के पश्चात् कन्नौज पर किसका शासन हुआ

ans: यशोवर्मन का

Q.13."कल्पसूत्र" की रचना किसने की

ans: भद्रबाहु ने

Q.14.‘जजिया कर’ को अंतिम रूप से किस मुगल बादशाह ने समाप्त किया?

ans:मोहम्मद शाह ‘रंगीला’ ने

Q.15.किस वंश के शासकों ने मंदिरों और ब्राह्मणों को सबसे अधिक ग्राम दान में दिए

ans:गुप्त वंश के शासकों ने

Q.16.मगध के राजा अजातशत्रु का सदैव किस गणराज्य के साथ युद्ध रहा

ans:वैशाली

Q.17.किस युद्ध को जीतने के बाद शेरशाह ने अफगान सत्ता की स्थापना की

ans:बिलग्राम का युद्ध

Q.18.चंदेरी का युद्ध किस-किस के मध्य हुआ

ans:बाबर और मेदिनीराय के मध्य

Q.19.किस देश की संसद के संयुक्त सत्र को डाइट कहा जाता है

ans:जापान

Q.20.प्राचीन भारत में कौन-सी लिपि दाईं ओर से बाईं ओर लिखी जाती थी

ans: खरोष्ठी लिपि

Q.21. झेलम नदी के किनारे प्रसिद्ध "वितस्ता का युद्ध" किन के बीच लड़ा गया था

ans: पोरस और सिकन्दर

Q.22.प्रथम भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री कौन हैं

ans: कल्पना चावला

Q.23. सिकंदर का सेनापति कौन था

ans:सेल्यूकस निकेटर

Q.24.भारत में सिकन्दर की सफलता का क्या कारण क्या था

ans:भारत में कोई केन्द्रीय शक्ति नहीं थी

Q.25.अजातशत्रु, बिन्दुसार और प्रसेनजित में से कौन बुद्ध के समकालीन थे

ans:अजातशत्रु और प्रसेनजित

Q.26.हरिषेण किस शासक के दरबारी कवि थे

ans:समुद्रगुप्त

Q.27.पानीपत का प्रथम युद्ध कब हुआ

ans:1526 ई. में

Q.28.पानीपत का प्रथम युद्ध किस किस के बीच लड़ा गया

ans:इब्राहिम लोधी और बाबर के बीच

Q.29.पानीपत की प्रथम लड़ाई में किसकी विजय हुई

ans:बाबर की

Q.30. निम्न में किसने दिल्ली की खगोलीय वेधशाला जंतर-मंतर बनवाई थी

ans:जयसिंह द्वितीय

Q.31. पंडवानी नृत्य-नाट्य का प्रचलन किस राज्य में है

ans: छत्तीसगढ़ में

Q.32.पानीपत का द्वितीय युद्ध कब हुआ

ans:1556 में

Q.33.पानीपत का दूसरा युद्ध किस किस के बीच लड़ा गया

ans:हिन्दू शासक हेमू और मुग़ल शासक अकबर

Q.34.पानीपत के दूसरे युद्ध में किसकी विजय हुई

ans:अकबर की

Q.35.पानीपत का तीसरा युद्ध किस किस के बीच लड़ा गया

answer मराठा सेना और अफगानों के बीच

36.पानीपत का तीसरा युद्ध कब शुरू हुआ

ans: 14 जनवरी 1761 को

Q.37.पानीपत के तीसरे युद्ध में किसकी विजय हुई

ans:अफगानों की

Q.38. इंसान द्वारा प्रयुक्त पहली धातु थी

ans: तांबा

Q.39. अन्तरिक्ष में पहुँचने वाला सबसे पहला जीवित प्राणी कौन था

ans:लाइका नामक कुतिया

Q.40.कुचिपुड़ी नृत्य का उद्भव निम्न में से किस राज्य में हुआ था

ans:सीमांध्रप्रदेश

Q.41.सबसे पुराना वेद है

ans:ऋग्वेद

Q.42.सुप्रसिद्ध रमटेक मठ स्थित है

answer सिक्किम में

Q.43.किस राज्य की जनजाति में काबेलिया नृत्य का प्रचलन है

ans:राजस्थान

Q.44. निम्न युग्मो में से कौन सा एक युग्म सुमेलित नही है

ans:पनामा खाड़ी--कोलंबिया

Q.45.किस महापुरुष को 'लाइट ऑफ एशिया' के नाम से जाना जाता है

ans:गौतम बुद्ध

Q.46.किस शासक ने न्याय के लिए अपने महल में सोने की जंजीर लगवाई थी

ans:जहांगीर

Q.47. केरल में नदी पार करने के लिए लकड़ी की बनी छोटी सी नाव क्या कहलाती है

ans: वल्लम

Q.48."भिलाई स्टील प्लांट" किस राज्य में स्थित है

answer छत्तीसगढ़

Q.50.क्योटो समझौता मुख्यतः किस विषय से सम्बंधित है

ans:ग्रीनहाउस गैंसों के उत्सर्जन का नियंत्रण


सिंधु घाटी सभ्यता

आज हम सामान्‍य ज्ञान भाग से एक बहुत ही महत्‍वपूर्ण विषय को पढेंगे, जो है सिंधु घाटी सभ्‍यता के बारे में सभी महत्‍वपूर्ण तथ्‍य। ये बिन्‍दु ...